RAJIM NEWS. राजिम कुंभ कल्प मेले के दौरान प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य शासन एवं कलेक्टर गरियाबंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुंभ अवधि के दौरान राजिम क्षेत्र में मांस-मटन एवं शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेश के तहत 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम क्षेत्र की सीमा में मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी।
वहीं श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए राजिम, गोबरा नवापारा और मगरलोड क्षेत्र की सभी शराब दुकानें भी इस अवधि में बंद रहेंगी। इस संबंध में राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या व्यापारी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से राजिम कुंभ कल्प के दौरान सहयोग करने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखने की अपील की है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया औचक निरीक्षण
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम कुंभ कल्प मेला 1 फरवरी से 15 फरवरी तक होने जा रहा है, जिसके लिए अब 2 दिन का समय शेष रह गया है। इसके बावजूद मेला मैदान में तैयारियां धीमी, अव्यवस्थित और बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के की जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान मेला क्षेत्र में अव्यवस्थित निर्माण कार्य, मूलभूत सुविधाओं की कमी और जिम्मेदारों की उदासीनता देखकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों व इवेंट एजेंसी के जिम्मेदारों को मौके पर ही फटकार लगाई। वैसे भी मजदूर सुरक्षा में चूक के बाद अब राजिम कुंभ कल्प मेला की व्यवस्थाओं को लेकर असली वजह सामने आने लगी है।

मंत्री राजेश अग्रवाल के औचक निरीक्षण ने सिर्फ मौके की अव्यवस्थाएं ही नहीं, बल्कि पिछले तीन वर्षों से चल रहे इवेंट आधारित टेंडर सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेला प्रबंधन में बार-बार सामने आ रही लापरवाहियों के पीछे इवेंट सिस्टम सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। समयाभाव के कारण अपनाई गए इवेंट सिस्टम, राजिम कुंभ कल्प मेला छत्तीसगढ़ शासन का वृहद धार्मिक आयोजन है। इस मेले में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़, विशाल क्षेत्र और बहुआयामी व्यवस्थाओं के लिए पिछले तीन वर्षों से लगभग सभी प्रमुख कार्य निर्माण, पंडाल, मंच, बिजली, बैरिकेटिंग, सजावट से लेकर कई अन्य व्यवस्थाएं इवेंट एजेंसी को सौंप दी जाती हैं।




































