MANDSAUR NEWS. मल्हारगढ़ थाने की पुलिस ने होनहार छात्र सोहन जोधपुर को ड्रग तस्कर बता झूठा केस ठोक दिया। हाईकोर्ट ने बस के सीसीटीवी फुटेज देखकर सख्ती दिखाई, जिसके बाद इस मामले में पूरा थाना फंसता नजर आ रहा है। कोर्ट ने छात्र को जमानत दी और एसपी को 9 दिसंबर को हाजिर होने को कहा है।

29 अगस्त 2025 को मल्हारगढ़ पुलिस ने 2.700 किलो अफीम के साथ 18 साल के सोहन पिता बालाराम को पकड़ने का दावा किया। अगले दिन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। परिजनों ने वकील हिमांशु ठाकुर से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि सोहन ने इस साल 12वीं फर्स्ट डिवीजन से पास की थी और पीएससी की तैयारी कर रहा था।

वकील ने हाईकोर्ट में की अपील
इसके बाद वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में साक्ष्य पेश करते हुए जमानत की अपील की गई। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बेगुनाह पर ऐसी कार्रवाई गलत है, मामला सीबीआई को सौंपा जाए। इस घटना में पूरा थाना लिप्त है। साथ ही मंदसौर एसपी को नौ दिसंबर को खुद हाजिर होने को कहा है। उनसे पूछा जाएगा कि इस तरह की कार्रवाई पुलिसकर्मी आपके निर्देश से कर रहे हैं या मनमाने से कर रहे हैं।

सीसीटीवी से खुली पोल
सोहन बस से मंदसौर रिश्तेदारों से मिलने जा रहा था। वकील ने कहा कि बस का सीसीटीवी चेक करो। मशक्कत के बाद फुटेज मिले, जिसमें सादी वर्दी में पुलिसवाले सुबह 11.39 बजे बस रोककर सफेद शर्ट पहने सोहन को जीप में घसीटते दिखे। शाम 5.17 बजे थाने में 2.7 किलो अफीम जब्ती का केस बना।

आगे क्या होगा
हाईकोर्ट ने जांच थाने से हटाने और एसपी को कोर्ट में आने को कहा। उनसे पूछा जाएगा कि क्या यह उनकी मर्जी से हुआ या पुलिसवालों की मनमानी। सोहन निर्दोष साबित होने के बाद जमानत पर बाहर आ गया है।


































