INDORE NEWS. इंदौर क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट ठगी के बड़े रैकेट में गुजरात के वापी से सौरभ सिंह और पंजाब के फिरोजपुर से पतरस कुमार उर्फ केलिस को गिरफ्तार किया। अब तक देशभर से 19 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पीड़िता इंदौर की 59 वर्षीय महिला है, जिसके साथ 9-12 नवंबर 2024 तक 1 करोड़ 60 लाख की ठगी की गई थी।

टारगेट पर 40-70 उम्र के सिंगल लोग
आरोपियों ने स्काइप-व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को CBI, RBI या पुलिस अधिकारी बताया। मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर बैंक डिटेल, FD, शेयर की जांच के नाम पर पैसे ऐंठे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स से 40-70 वर्ष के सिंगल लोग टारगेट करते।
पहले नौकरी का लालच देकर फंसाते, फिर ठगी करवाते। ग्रामीणों के नाम से 350 से ज्यादा सिमकार्ड जुटाए, जिनमें से कई लाओस भेजे गए। वहां विदेशी गिरोह डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट फ्रॉड चला रहा है।
गैंग को करते थे सिम सप्लाई
पकड़े गए सौरभ सिंह ने होटल मैनेजमेंट से ग्रेजुएशन किया है। वहीं, पतरस कुमार 12वीं पास है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे गैंग को सिम सप्लाई करते थे। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर स्पेशल टीम साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए सक्रिय है।

लाओस तक पहुंचाते थे सिम
आरोपी पतरस कुमार को अमृतसर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में बताया कि वह वारदात के लिए सिम उपलब्ध करवाता था। उसका साथी सौरभ सिंह उर्फ लूसी के जरिये सिम को लाओस देश तक पहुंचाया जाता था।दोनों ने प्रारंभिक पूछताछ में लाओस में रहकर अलग अलग देशों के व्यक्तियो के साथ धोखाधड़ी करने की बात कबूली है।
आरोपियों ने बताया कि लाओस में संगठित रूप से डिजिटल अरेस्ट एवं इंवेस्टमेंट फ्रॉड जैसे सायबर अपराध के लिए एक विदेशी गिरोह काम कर रहा है। इसके संबंध में विस्तृत पूछताछ कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर प्रकरण में विवेचना के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

17 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
बताते चलें कि इससे पहले 17 आरोपी प्रतीक-अभिषेक जरीवाला (सूरत), चंद्रभान-राकेश बंसल (मेहर), विवेक रंजन (खेड़ा), अल्ताफ कुरैशी (आणंद), अभिषेक चक्रवर्ती (कूच बिहार), रोहन शाक्य-आयुष राठौर (सीहोर), निलेश गोरेले-अभिषेक त्रिपाठी (भोपाल), मनोज कुमार (श्रावस्ती), आगम साहनी (लखनऊ), गौरव तिवारी-योगेश पटले-सुजल सूर्यवंशी (सिवनी), स्वप्न मोदक (प. बंगाल) भी गिरफ्तार हो चुके हैं।

साइबर एडवाइजरी: सावधान रहें
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से लोगों को एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि अज्ञात वीडियो कॉल पर CBI/RBI/पुलिस का दावा न मानें, 1930 पर कॉल करें।
अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वयं को वीडियो या वॉइस कॉल कर CBI,RBI, पुलिस अधिकारी बताए जाने पर डरें नहीं। तुरंत अपने नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र में संपर्क करें। सरकारी एजेंसी वीडियो पर गिरफ्तारी नहीं करती।
किसी के साथ भी OTP, बैंक डिटेल शेयर न करें। किसी तरह के फ्रॉड होने की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 7049124445 पर संपर्क करें।

































