BILASPUR NEWS. बिलासपुर में 12 दिन से लापता दसवीं के छात्र विनय नायक (17) का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। घटना सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि शहर में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। 15 नवंबर को स्कूल के लिए निकला विनय घर नहीं लौटा। अगले ही दिन तोरवा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन 12 दिन बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ पाई है।

विनय की स्कूटी रेलवे स्टेशन की पार्किंग में मिली। यह बात परिजनों को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है, क्योंकि स्टेशन बच्चों की गुमशुदगी के कई पुराने मामलों में भी एक सामान्य लोकेशन रहा है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक स्कूली छात्र अकेले स्टेशन क्यों पहुंचा? क्या कोई उसे वहाँ ले गया? क्या वह किसी ट्रेन से कहीं गया?

विनय के पिता महेश नायक ने बताया कि बेटे से आखिरी बार सुबह 9:45 बजे बात हुई थी। बातचीत के तुरंत बाद विनय का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद से परिजन स्कूल, स्टेशन, शहर के अस्पताल, पार्क, हर जगह भटक रहे हैं—लेकिन कहीं से कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई।

16 नवंबर को पुलिस को सूचना दे दी गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि तलाश की गति बेहद धीमी रही। सोशल मीडिया और पोस्टर-बैनर के सहारे खुद खोज अभियान चलाना पड़ रहा है। परिजन कहते हैं, हम 12 दिन से थाने–एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। सिस्टम में तेजी होती तो शायद बेटा मिल भी जाता।

एसएसपी ने दिए टीम बनाने के निर्देश
थक चुके परिजन आखिरकार एसएसपी ऑफिस पहुँचे। एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच टीम सक्रिय करने और हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया है।




































