MAHASAMUND NEWS. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा हाल ही में घोषित जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। महासमुंद जिले में कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जफर उल्ला खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

जफर उल्ला खान ने प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि नई नियुक्तियों में कांग्रेस की नीति-रीति का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद भी अंतिम निर्णय उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, जिससे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा, कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ सीधा धोखा हुआ है, जिससे पार्टी की नीति-रीति को गहरी चोट लगी है। ऐसे हालात में मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए। जफर उल्ला खान के इस्तीफे के बाद जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर असंतोष और खुलकर सामने आ सकता है। पार्टी फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

बता दें कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ के जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है । महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के लिए खल्लारी विधानसभा के विधायक द्वारिकाधीश यादव को जिला अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है । दिलचस्प है कि जब जिला अध्यक्ष के लिए फार्म भरकर तमाम बड़े चेहरों ने दावेदारी पेश की थी, तब भी विधायक ने दावेदारी नहीं की थी, ना ही फार्म भरा था ।

जिला अध्यक्ष की दौड़ में भी विधायक द्वारिकाधीश यादव का नाम कांग्रेस के गलियारों में नहीं था। चौंकाने वाले नाम के रूप में जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी की शुरूआत कर रहे, नव नियुक्त अध्यक्ष ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राहुल गांधी ने संगठन सृजन के दौरान अपने टीम से सर्वे करवाये थे जिसमे मेरे नाम का सुझाव आने पर जिला अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है और जिलाध्यक्षों को आगामी चुनाव में टिकट मिलने के सवाल पर विधायक का कहना है कि कांग्रेस पार्टी का जो निर्णय होगा वो सहर्ष स्वीकार है ।



































