RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों से हुए स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोंड समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों “आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” और “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन भी किया।
जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों को सर्वोपरि रखते हैं, और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से जनजातीय क्षेत्रों में बहुआयामी विकास हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह करते हुए बताया कि यह संग्रहालय आदिवासी वीरों के इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर की झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस समाज की विरासत को सम्मान देने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम हैं। युवक-युवती परिचय सम्मेलन रिश्तों के निर्माण और समुदाय में संवाद को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर समिति को बधाई दी।

विकास मरकाम ने गोंड समाज के इतिहास पर डाली रोशनी
विकास मरकाम ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास वीरता और समृद्ध परंपराओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि गोंड राजाओं ने शासन और सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मरकाम ने कहा कि डबल इंजन सरकार के अंतर्गत जनजातीय कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, और केंद्र तथा राज्य की योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समुदाय तक पहुँच रहा है।




































