GWALIOR NEWS. ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की गई। इसमें प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे ग्वालियर की सड़कों पर बड़ा आंदोलन करेंगे। वकीलों ने भी कहा कि अगर प्रतिमा लगाने की मांग नहीं मानी गई, तो पूरे देश से वकील आकर सड़कों पर आंदोलन करेंगे।

इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्वालियर जिला कलेक्टर ने जिले में धारा 163 लागू करने का आदेश दिया। आदेश के तहत अब सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के किसी भी तरह का प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस या समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा। किसी भी आयोजन के लिए सक्षम अधिकारी से मंजूरी लेना जरूरी होगा।

एक ही अनुभाग में होने वाले कार्यक्रमों के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी से और एक से ज्यादा अनुभाग में होने वाले कार्यक्रमों के लिए अपर जिला दंडाधिकारी से स्वीकृति लेनी होगी। दलित संगठनों ने 15 अक्टूबर को प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, ब्राह्मण और क्षत्रिय संगठनों ने भी शक्ति प्रदर्शन का एलान किया है।

सोशल मीडिया पर भी सख्ती
कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा कि आने वाले दिनों में जिले में कई पर्व, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम होंगे। लिहाजा, बाजारों और सड़कों पर भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हर तरह से मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन ने सख्ती की है।
फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स पर भड़काऊ, भ्रामक या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट डालने और शेयर करने पर पाबंदी रहेगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अलर्ट पर है। सोशल मीडिया से 248 भड़काऊ पोस्ट हटवाई गई हैं।

पूरे देश की धरोहर हैं अंबेडकर
गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इन दिनों अंबेडकर प्रतिमा विवाद लगातार चर्चा में है। बीजेपी के एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि डॉ. अंबेडकर सिर्फ एक जाति या धर्म के नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर हैं। उन्होंने संविधान लिखा और बीएन राऊ उस कमेटी में सलाहकार थे। आर्य ने कहा कि ग्वालियर शांति पसंद शहर है, किसी को भी माहौल बिगड़ने नहीं देना चाहिए।




































