BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि सरकारी नौकरी में पत्नी के होने के कारण आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी। कोर्ट में अनुकंपा नियुक्ति के लिए दायर किए गए याचिका को खारिज कर दिया है।

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बता दें, यदुनंदन नगर निवासी गणेश नायडू, हाई कोर्ट में भृत्य के पद पर कार्यरत थे और 16 जून 2010 को सेवा के दौरान उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी पूजा नायडू भी हाई कोर्ट में कार्यरत थीं और बाद में उनकी भी सेवा के दौरान मृत्यु हो गई। इसके पश्चात उनकी बेटी ऋचा नायडू को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, लेकिन बाद में सेवा से हटा दिया गया।

उसलापुर निवासी नीलकांत नायडू ने 2022 में खुद को गणेश नायडू का पुत्र बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने पाया कि मृतक कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में केवल पत्नी पूजा नायडू और बेटी ऋचा नायडू का नाम नामांकित था।


याचिकाकर्ता नीलकांत नायडू का नाम परिवार सूची में नहीं था और उन्होंने यह साबित नहीं किया कि वे गणेश नायडू के पुत्र हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि पूजा नायडू ने हलफनामा देकर कहा था कि गणेश नायडू से उनकी केवल एक बेटी ऋचा है, और अन्य बच्चे उनके पति के बड़े भाई के हैं। इसलिए, कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को सिविल कोर्ट में मामला दायर करने की छूट दी है, ताकि उनके और मृतक कर्मचारी के बीच संबंध की पुष्टि की जा सके।




































