BHILAI NEWS. पहले दोस्ती, फिर प्यार और फिर नृशंस हत्या.. हत्या भी ऐसी कि देखने वालों का दिल दहल जाए। इंस्ट्राग्राम में दोस्ती करते वक्त रायपुर की रहने वाली सुनीता चतुर्वेदी ने सोचा भी नहीं होगा कि जो प्रेमी उसके लिए दुनिया से लड़ने के लिए तैयार था, वही उसकी जान ले लेगा। लेकिन सुनीता के प्रेमी छत्रपाल ने उसे तो मौत के घाट उतारा, लेकिन उसके 8 साल के मासूम बेटे काव्यांश को भी नहीं छोड़ा।

अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर आरोपी छत्रपाल ने पहले दोनों का गला घोंटकर उसकी हत्या की औऱ फिर अपने गुनाह को छुपाने दोनों के हाथपैर बांध उन्हें बोरे में डालकर कुंए में फेंक दिया। और तो और कल जब गांव में पुलिस कुएं से शव निकालने पहुंची तो गांववालों के बीच खड़े होकर अंजान बनकर तमाशा भी देखते रहे। आज दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस अंधे कत्ल का खुलासा किया है।

कुएं से आती बदबू से परेशान हुए लोग
अमलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हिरया में रहने वाले बजरंग महिलांग की बाड़ी में बने हुए कुंए से कुछ महिलाएं पानी भरने गई तो वहां से उठती बदबू से वे परेशान हो गई और कुएं के अंदर झांककर देखा तो अंदर एक बोरी नजर आई। जिसके बाद गांव के कोटवार तक यह खबर पहुंची और फिर कोटवार ने पुलिस को बुलाया। पुलिस की टीम ने जब कुंए से उस बोरे को बाहर निकाला तो उसके अंदर एक बच्चे का शव मिला जिसके हाथपैर बंधे हुए थे।

वही गांववालों ने देखा कि नजदीक में बने दूसरे कुएं में भी एक बोरा नजर आ रहा है। जिसे पुलिस ने खोला तो उसमें एक महिला का शव मिला। शवों की स्थिति को देख पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया औऱ् जांच शुरू कर दी। 12 एक्सपर्ट की टीम बनाई गई और टीम ने जब गांव में तफ्तीश की तो चंद घंटों में हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में थे।

इंस्ट्राग्राम में हुई थी सुनीता और छत्रपाल की दोस्ती
एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस पूरे मामले का खुलासा कर बताया कि रायपुर की रहने वाली सुनीता चतुर्वेदी अपने 8 साल के बेटे काव्यांश के साथ रहती थी और दो साल पहले इंस्ट्राग्राम में उसकी दोस्ती छत्रपाल सिंगौर से हुई। चूंकि सुनीता के पति की मौत हो गई थी, इसलिए वह छत्रपाल के करीब आ गई और दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। इसी दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने। इसी बीच छत्रपाल ने उससे शादी करने और बच्चे को अपनाने की बात भी कही। इसी बीच सुनीता बार-बार उसे साथ रखने की जिद भी करती रही।
छत्रपाल ने किसी और से कर ली थी शादी
वहीं डेढ़ महीने पहले छत्रपाल ने किसी और से शादी कर ली। इसका पता सुनीता को चल गया और वह फिर से उसके साथ रहने की जिद करने लगी। इधर सुनीता के साथ रखने के बढ़ते दबाव को देखा तो छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। 18 जून को छत्रपाल अपनी स्कूटी में सुनीता और उसके बेटे को लेकर गांव आ गया और गांव के खार में ले गया।

जहां दोनों ने मिलकर सुनीता औऱ् उसके बेटे का गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों के शव को ठिकाने लगाने अलग-अलग साड़ी में लपेट उसे बोरी में डाला और उसमें पत्थर भरकर अलग-अलग कुंए में फेंक दिया था। एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने छत्रपाल को किसी महिला के साथ देखा था और किसी ने बोरे में उसे कुछ ले जाते देखा था। जिसके बाद पुलिस को क्लू मिला और हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में आ गए।




































