BIJAPUR NEWS. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने मंगलवार को संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि बीजापुर और नारायणपुर जिले में पिछले 21 दिनों से चल रहे व्यापक नक्सल विरोधी अभियान में अब तक 31 नक्सलियों को मार गिराया गया है। इनमें से 28 की पहचान हो चुकी है। अभियान के दौरान कुल 18 सुरक्षाबल घायल हुए हैं, हालांकि सभी अब खतरे से बाहर हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन एक रणनीतिक योजना के तहत 60 किलोमीटर लंबे और 5 से 20 किलोमीटर चौड़े कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में चलाया गया। यह इलाका PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन की टेक्निकल टीम का ठिकाना था। इस दौरान हिलटॉप पर बेस और हेलिपैड बनाए गए तथा ऑपरेशन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई।

CRPF, कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। सैकड़ों की संख्या में IED की जानकारी मिलने के कारण सुरक्षाबलों को बड़ी क्षति से बचाया जा सका। घायल जवानों के लिए एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी।

महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस अभियान से नक्सली संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है और उनकी PLGA बटालियन में अंदरूनी फूट की खबरें भी सामने आई हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इन अभियानों और विकास कार्यों के चलते नक्सली हिंसा में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

फिलहाल सुरक्षा बल बीजापुर और नारायणपुर के नेशनल पार्क क्षेत्रों की ओर अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, जहां नक्सलियों की गतिविधियों की आशंका जताई गई है। इस अभियान में 14 महिला और 17 पुरुष नक्सली मारे गए हैं। 28 माओवादियों की पहचान की जा चुकी है। इस इलाको को नक्सल मुक्त बनाने के लिए यह आपरेशन किया गया था।




































