DURG NEWS. छत्तीसगढ़ में आग की कई घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच, दुर्ग जिले के चिखली क्षेत्र में नारायण राइस मिल में भीषण आग लग गई है। इस आग पर काबू पाने के लिए 4 दमकल लगी हुई हैं। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि बुझाने में करीब 3-4 घंटे लग सकते हैं। जानकारी के मुताबिक राइस मिल में सुबह मजदूरों ने धुआं निकलता देखा। जब तक वो समझ पाते आग बारदानों तक पहुंच गई। इससे तेज लपटें निकलने लगी।
इस आगजन से लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 2 घंटे में कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से आग बुझ नहीं पाई है। धान के बोरों और बारदाने में आग लगने से वो धीरे-धीरे सुलगती रहती है। अगर उसे पूरी तरह बिना बुझाए ही छोड़ा गया, तो वो थोड़ी देर में फिर से सुलग जाएगी।
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बताया गया कि अग्निशमन दल धान और बारदाने में अच्छी तरह से पानी डालकर उसे बुझा रहा है, जिससे एक भी चिंगारी ना बढ़े और दोबारा आग ना भढ़के। मौके पर दुर्ग पुलिस की टीम भी मौजूद है। पुलिस ने मजदूरों और लोगों को मिल एरिया से बाहर किया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि ना हो।
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पुलिस के मुताबिक आग लगने का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया है, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है। आग लगने से मिल मालिक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने का कारण जानने के लिए पूछताछ की जा रही है।
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दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी के रायगढ़ स्थित स्टोर में आग लगने से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर आग में भस्म हो गए थे। घटना के बाद स्टोर के कार्यपालन यंत्री को हटाने के साथ घटना की जांच शुरू कर दी गई है। बड़ी बात यह है कि ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों का बीमा नहीं कराया गया था।
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रायगढ़ के स्टोर में लगी आग से पावर कंपनी को एक बार फिर लाखों रुपए की क्षति हुई है। इससे पहले रायपुर के गुढ़ियारी में आगजनी की वजह से 50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। गुढ़ियारी में घटना की जांच तत्कालीन कार्यपालक निदेशक ओएंडएम एवं वर्तमान में वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने की थी।