DEHRADUN. उत्तराखंड के हल्द्वानी में सांप्रदायिक हिंसा हो गई है। हल्द्वानी में अवैध मस्जिद-मजार के ध्वस्त होने के बाद बवाल हुआ और इस दौरान आगजनी भी हुई।

दरअसल, वनभूलपुरा इलाके में सरकारी जमीन पर बनी मजार और मदरसा तोड़ने पहुंची पुलिस व प्रशासन की टीम पर भीड़ ने जमकर पत्थर फेंके। इसमें 30 पुलिसकर्मियों समेत 100 लोग घायल हो गए।


इस भीड़ ने 100 से ज्यादा गाड़ियां और वनभूलपुरा थाना भी फूंक दिया। हिंसक भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई राउंड फायर भी किए। चार घंटे तक उपद्रव के बाद वनभूलपुरा थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया।


उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश
इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है और उपद्रवियों को गोली मारने का आदेश दिया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी में कर्फ्यू घोषित कर दिया है और इसके साथ ही दंगा करने वालों के खिलाफ UAPA के अंतर्गत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

विरोध में उतरी महिलाएं
मैदान से बाहर खदेड़ने पर यह तारबाड़ के बाहर से नारेबाजी और विरोध में उतर आई। इस बीच चारों दिशा से दीवार और तंग गलियों की आड़ से मुस्लिम युवाओं ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस एक जगह से खदेडऩे के लिए आगे बढ़ती तो दूसरी जगह से पत्थर बरसा फोर्स को पीछे खिसकाने की कोशिशें होने लगती।

थाने के अलावा अन्य जगहों पर तोड़े सीसीटीवी
किसी भी घटना के बाद सीसीटीवी के माध्यम से उपद्रवियों को पहचाना जा सकता है। लेकिन उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने के अलावा गोपाल मंदिर के पास सरकारी कैमरों को तोड़ा। इसके अलावा दुकान के बाहर लगे कैमरे भी तोड़ दिए गए।




































