BILASPUR. शराब घोटाले मामले में एक बार फिर सुनवाई हुई। इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दो आरोपियों को राहत दे दी है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए ईडी को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई तक आरोपियों को मिली अंतरिम जमानत जारी रहेगी। फिलहाल दोनों जेल से बाहर ही रहेंगे।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर ईसीआईआर दर्ज करवाई गई है। इसके तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए)की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। ईडी ने इस मामले में कारोबारी अनवर ढेबर, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के एमडी रहे अरुणपति त्रिपाठी, नितेश पुरोहित और त्रिलोक सिंह ढिल्लन को गिरफ्तार किया गया था। ढेबर और पुरोहित की जमानत अर्जी लगाई थी। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने पूर्व में मेडिकल ग्राउंड पर दोनों की जमानत अर्जी मंजूर की थी। चारों की जमानत अर्जी पर 6 अक्टूबर को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।

इस दौरान ईडी की तरफ से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पाण्डेय ने कहा था कि मामले में चारों आरोपियों के शामिल होने के दस्तावेज हैं। शराब कारोबार की आड़ में कारोबारी और अधिकारी बाकायदा सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे थे। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड को माध्यम बनाकर प्रदेश में शराब का पैरलल कारोबार किया जा रहा था। इस सिंडिकेट में राजनीतिज्ञ, अधिकारी, कारोबारी शामिल हैं। जमानत मिलने पर वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इस मामले में नकली होलोग्राम इस्तेमाल करने को लेकर भी शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसकी जांच जारी है। जमानत मिलने पर वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसे यश टुटेजा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई एसएलपी में अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित ने अलग से आवेदन प्रस्तुत कर चुनौती दी है। गुरुवार देर शाम तक चली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए ईडी को नोटिस जारी किया है। तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।




































