DURG. छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में कल देर शाम अजीबोगरीब मामला सामने आया। यहां बस से 21 किलोग्राम सोना मुम्बई (महाराष्ट्र) के रास्ते जयपुर (राजस्थान) भेजा जा रहा था। पैकेट में पार्सल के लिए आए भारी-भरकम समान पर बस ऑपरेटरों को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी सूचना दुर्ग कोतवाली को थी। करीब दोपहर तीन बजे कोतवाली थाना में सूचना मिली की बस स्टैंड दुर्ग में दो लोग नवीन ट्रैवेल्स की बस में बैग में सोना लेकर जा रहे है और बस के ड्राइवर ने उन्हें रोक कर चेक कर पुलिस को सूचना दी है। इसी कड़ी में दुर्ग कोतवाली थाना पुलिस दुर्ग बस स्टैंड पहुंचा। जांच-पड़ताल की गई। सामानों की जांच की गई। दो तस्दीक के बाद दो लोग के पास से बैग में जब्ती कर दुर्ग कोतवाली थाना लाया गया। थाने में बैग को खंगाला गया तो उसमें से भार मात्रा में स्वर्ण (गोल्ड) निकला। फिर इसका वजन किया गया। दो इसे 21.6 किलोग्राम आंका गया। इसमें सोने के जेवर सहित कच्चा सोना पाया गया।

पुलिस ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद बैग में सात पार्सल में सोना पाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसमें से दो पार्सल खुले हुए थे। दुर्ग कोतवाली पुलिस द्वारा सोना को तौला गया। तब इसका वजन 21 किलोग्राम से अधिक निकला। इसमें कच्चा सोना और आभूषण भी थे। जांच-पड़ताल के बाद उक्त दो लोगों से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर और राजनांदगांव के अलग-अलग सराफा व्यापारियों का सोना होने की जानकारी दी गई। साथ ही प्राप्त सोने के दस्तावेज देखे गए। वहीं पता चला कि स्वर्ण आभूषण को मुंबई (महाराष्ट्र), सूरत (गुजरात), कोलकाता (पश्चिम बंगाल) और जयपुर (राजस्थान) डिलीवरी करने की जानकारी व्यक्तियों द्वारा दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बताए गए बिल्स और दस्तावेज की जांच की गई। उक्त स्वर्ण का मालिकाना और दस्तावेज सही और वैध पाए जाने दो व्यक्तियों के सुपुर्द कर गवाहों के समक्ष वैधानिक कार्यवाही की गई और रोजनामचा रिपोर्ट दर्ज किया गया। जबकि इस मामले में दुर्ग पुलिस अधीक्षक डॉ.अभिषेक पल्लव व अन्य अधिकारियों द्वारा सराफा व्यापारियों को स्वर्ण सहित ऐसे बेशकीमती आभूषणों को पार्सल और अन्य कोरियर माध्यम से न भेजने की समझाइश दी गई।




































