INDORE. विवाह में आपने देखा होगा कि सबसे जरूरी रस्म गठबंधन की होती है। इस रस्म में फेरे लेते समय दुल्हा-दुल्हन को दुपट्टे या चुनरी से बांधकर एक साथ जोड़ा जाता है और फेरे लिए जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ये गठबंधन क्यों किया जाता है। इसके लिए किन चीजों को दुपट्टे में रखा जाता है और उनका क्या महत्व होता है।

अगर नहीं, तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। इंदौर के ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित गिरीश व्यास बताते हैं कि गठबंधन का अर्थ होता है, दो व्यक्तियों के बीच पवित्र बंधन। शादी समारोह में दुल्हन की चुनरी और दूल्हे के पटके को एक साथ गांठ लगाकर जोड़ा जाता है, जो दो लोगों को एक करता है। यह दो व्यक्तियों के बीच अटूट वैवाहिक बंधन का प्रतीक है।
विवाह के समय वर और वधू के परिणय सूत्र में बंधने की रस्म वर की बहन द्वारा निभाई जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि दूल्हा-दुल्हन ही नहीं बल्कि पूरा परिवार एक साथ जुड़ जाए। दूल्हे की बहन इस रस्म को करती है क्योंकि यह होने वाली दुल्हन को उसके नए परिवार में शामिल होने का निमंत्रण है।
गठबंधन में क्या-क्या चीजें रखी जाती हैं?
गठबंधन के दौरान दूल्हे के पटके में सिक्का, फूल, चावल, हल्दी और दूर्वा पांच चीजें बांधी जाती हैं। इनमें से सिक्का इस बात का प्रतीक है कि धन पर दोनों का समान अधिकार है और दोनों सहमति से इसे खर्च करेंगे। फूल इस बात का प्रतीक है कि दोनों एक दूसरे के साथ खुश रहेंगे।

एक दूसरे के सुख-दुख का ध्यान रखेंगे। हल्दी इस बात का प्रतीक है कि दोनों हमेशा स्वस्थ रहेंगे। एक दूसरे के स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे। बीमारी की स्थिति में एक दूसरे का साथ देंगे। वहीं, दूर्वा प्रतीक है कि दोनों हमेशा दूब की तरह ऊर्जावान रहेंगे। चावल को हमेशा अन्न और धन से भरपूर होने का प्रतीक माना जाता है।







































