RAIPUR. सीएम भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों, महिला स्वसहायता समूहों और गौठान समितियों को लाभांश राशि तथा गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना प्रोत्साहन राशि का ऑन लाईन भुगतान किया। बता दें, छत्तीसगढ़ गोबर खरीदी के साथ-साथ गोबर खरीदी को लाभ में बदलने वाला देश का पहला राज्य है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम ने कहा कि 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022 तक गौठानों में खरीदे गए गोबर के बदले भुगतान की गई राशि में से लगभग 50 प्रतिशत राशि का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया गया है। जो एक बड़ा बदलाव है। इन स्वावलंबी गौठानों ने अब तक अपने संसाधनों से 24.15 करोड़ रूपए की गोबर खरीदी की है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांवों की परिकल्पना धीरे-धीरे साकार होती दिख रही है। उन्होंने बताया कि सभी जिले केअधिकारीयों को रबी सीजन में भी वर्मी कम्पोस्ट और गौठानों में गौ मूत्र की खरीदी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि अक्टूबर महीने के आखरी पखवाड़े में खरीदे गए गोबर का कुल 4.69 करोड़ रूपए का भुगतान आज गोबर बेचने वाले ग्रामीणों और पशुपालकों को किया गया है। भुगतान कि गई कुल राशि में से विभाग ने 2.37 करोड़ रूपए और स्वावलंबी गौठानों ने 2.32 करोड़ रूपए का भुगतान किया है।
सीएम बघेल ने ऑनलाइन माधयम से गोबर विक्रेता पशुपालकों, महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया है। पिछले महीने 15 से 31 अक्टूबर तक गौठनों में खरीदे गए 2.35 लाख क्विंटल गोबर के बदले में 4.69 करोड़ रूपए पेमेंट किया गया। गौठान समितियों को भी इसी तरह 39 लाख और महिला समूहों को 27 लाख रूपए की प्रॉफिट मनी का भुगतान किया गया। वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। इसी कड़ी में गन्ना उत्पादक किसानों को 68.90 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।






































