तीरंदाज न्यूज। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर दिन गुरुवार को रखा जाएगा। इंदौर के ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास ने बताया कि इस साल शुक्र तारा अस्त है, जो किसी भी शुभ काम के लिए अहम माना जाता है।

ऐसे में इस साल से पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें? जो महिलाएं इस साल से व्रत करना छोड़ना चाहती हैं वे क्या करें? मगर, इससे पहले जानिए जानिए करवाचौथ का शुभ मुहूर्त कितने बजे का है और पूजन विधि।

करवा चौथ में पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित गिरीश व्यास के अनुसार, इस साल कार्तिक माह कृष्ण पक्ष चतुर्थी गुरुवार 13 अक्टूबर को रात 01.59 मिनट से शुरू होगी और 14 अक्टूबर सुबह 03.08 मिनट पर इसका समापन होगा। इसलिए उदिया तिथि होने के कारण करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा। करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06.01 मिनट से लेकर रात 07.15 मिनट तक रहेगा।

इस साल न शुरू करें व्रत
पंडित गिरीश व्यास बताते हैं कि कई महिलाएं 16 साल व्रत रखने के बाद उद्यापन कर देती हैं। अगर आप भी इस बार उद्यापन करना चाहती हैं, तो इस बार रुक जाएं। शुक्रास्त होने से शुभ फल प्राप्त नहीं होगा। वहीं, जो महिलाएं इस साल से करवा चौथ व्रत का शुरुआत करने वाली हैं, वे अगले साल से व्रत करना शुरू करें। इस बार बिना व्रत किए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके अखंड सौभाग्य की कामना करें।

करवा चौथ व्रत विधि
इस दिन स्नानादि के बाद करवा चौथ के व्रत का संकल्प लें। फिर अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला उपवास रखें। पूजा के मुहूर्त में चौथ माता या मां गौरी और भगवान गणेश की पूजा करें। पूजा के समय उन्हें गंगाजल, नैवेद्य, धूप-दीप, अक्षत, रोली, फूल, पंचामृत आदि अर्पित करें। दोनों को श्रद्धापूर्वक फल और हलवा-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद चंद्रोदय के समय अर्घ्य दें और पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत का पारण करें।



































