पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के वनांचल और सीमावर्ती इलाकों (जैसे बलरामपुर और कवर्धा के कुछ क्षेत्र) से अफीम की अवैध खेती की खबरें आई थीं। पुलिस और प्रशासन ने छापेमारी कर लाखों रुपये की अफीम की फसल नष्ट की थी। इन मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी, क्योंकि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का फायदा उठाकर तस्कर स्थानीय लोगों के माध्यम से यह काला कारोबार फैला रहे थे। Read More





























