सुनवाई के दौरान सामने आया कि RTE के तहत कक्षा पहली में प्रवेश के लिए प्राप्त 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 आवेदनों का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। कोर्ट ने नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। Read More






























