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छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति के लिए 32 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 13 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है. इस विधेयक को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था. राज्यपाल अनुसूईया उइके ने इसे मंजूरी देने के बजाय इसे अपने पास रख लिया है. इसे लेकर अधिवक्ता हिमांक सलूजा व राज्य शासन ने याचिका लगाई थी. इसमें आरक्षण विधेयक को राज्यपाल द्वारा रोकने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. इसकी अभी सुनवाई लंबित है. Read More





























