इस मामले में जगदलपुर की विशेष अदालत ने 28 जनवरी 2002 को आरोपियों को दोषी करार देते हुए आईपीसी की विभिन्न धाराओं (420, 467, 468, 471, 120-बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दो-दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। Read More





























