जारी आदेश के अनुसार, डांगी पर अपने पद के अनुरूप व्यवहार न करने, अशोभनीय एवं अनैतिक आचरण प्रदर्शित करने, पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने तथा स्थापित सामाजिक-सांस्कृतिक मानकों का उल्लंघन करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। इन कृत्यों को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के नियम 3(1)(i), 3(2)(vii) और 17-क (दो) का उल्लंघन माना गया है। Read More





























