गिरोह के सदस्य खुद को बैंक या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। भरोसा जीतने के लिए महिला आवाज का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाई जाती थी। Read More





























