चढ़ता पाराः यूपी, महाराष्ट्र-राजस्थान में टूटेगा 122 साल का रिकॉर्ड, भारत सहित दक्षिण एशिया की आबादी लू की चपेट में

केंद्र के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत में औसत अधिकतम तापमान पिछले 122 साल में क्रमशः 35.90 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक रहा।

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भीषण गर्मी को लेकर मौसम विभाग की एडवायरी जारी। (प्रतीकात्मक फोटो)

तीरंदाज डेस्क। देश में अप्रैल के आखरी दिन और मई की शुरूआत में चढ़ता पारा भीषण गर्मी का संकेत दे दिया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि एक शतक और दो दशक से भी आगे का रिकॉर्ड टूटने वाला है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र में भी हीट वेव से राहत नहीं मिलेगी।

भीषण गर्मी की स्थिति को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने सावधान कर दिया है। केंद्र के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत में औसत अधिकतम तापमान पिछले 122 साल में क्रमशः 35.90 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक रहा।

दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश में तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। इससे भीषण गर्मी सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही है। घर से बाहर निकलते ही आसमान से आग बरसती गर्मी झुलसा रही है। इस बीच मौसम विभाग की ओर से बच्चों और बुजुर्गों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लू से बचने की सलाह दी है साथ ही कहा है कि बच्चों और बुजुर्गों को धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए।

केंद्र के अनुसार देश में गर्मी की स्थिति ऐसी है कि यह पिछले 122 साल का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत में औसत अधिकतम तापमान पिछले 122 वर्ष में क्रमशः 35.90 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक रहा।

दिल्ली में 72 साल बाद दूसरी बार इतनी गर्मी
महानिदेशक के अनुसार मार्च और अप्रैल में देश के मध्य हिस्सों में तापमान, सामान्य से ज़्यादा रहा। विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश में तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। दिल्ली में तो 72 साल बाद दूसरी बार इतनी गर्मी पड़ रही है। इससे पहले 2010 में औसत अधिकतम पारा 40.4 डग्री रहा था। वहीं इस साल यह 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

अभी नहीं गर्मी से राहत की उम्मीद
विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह में गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। शुक्रवार के तापमान की बात करें तो पूरे देश में उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म रहा। यहां 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा महाराष्ट्र के चंद्रपुर व राजस्थान के श्री गंगानगर में तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मध्य प्रदेश (खजुराहो) 45.4, दिल्ली (नजफगढ़) 45.9, हरियाणा (गुड़गांव) 45.9, झारखंड (डाल्टनगंज) 45.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

मध्य प्रदेश, में पांच दिनों चलेगी लू, सीजी में राहत नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। पश्चिमी राजस्थान में इसका कहर जारी रहेगा। वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ में आने वाले पांच दिनों तक लू चलती रहेगी। यही हाल पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी रहेगा। यहां दो मई के बाद पारे में एक से दो डिग्री की कमी आ सकती है। बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र में भी हीट वेव से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग की ओर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऑरेजं अलर्ट जारी किया गया है।

कोरोना से ज्यादा लू की चिंता
इस बार अप्रैल में ही गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाया है। भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया की एक अरब से ज्यादा आबादी भयंकर गर्मी और लू की चपेट में है। वैज्ञानिकों ने इस प्रचंड मौसम का कारण जलवायु परिवर्तन बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल कोरोना की संभावित चौथी लहर से ज्यादा चिंता की बात लू है। लोग गर्मी के कारण ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। उत्तर पश्चिम भारत में पारा 47 डिग्री तक जाने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

ये है इतनी गर्मी पड़ने का कारण
इस बार भयंकर गर्मी पड़ने का कारण मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है। उनका मानना है कि इस साल अप्रैल के महीने में बारिश बिल्कुल भी नहीं हुई है। अमूमन मार्च-अप्रैल में हल्की बारिश होती थी, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। एक मार्च से लेकर अब तक औसत बारिश में 87 फीसदी की कमी देखने को मिली है। यही कारण है कि होली के बात से तापमान लगातार बढ़ रहा है।

(TNS)