अंबिकापुर में चप्पल ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, हत्यारे प्रेमी तक पहुंची पुलिस

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने सिर्फ चप्पल के आधार पर ऐसे अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा दी है, जिसके बारे में कोई भी जानकारी उनके पास नहीं थी। मृतका का चेहरा और शरीर आधा जला हुआ था। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने सात सीसीटीवी कैमरे के 700 घंटे के फुटेज देखे और सौ से अधिक गुमशुदा मामलों की भी जांच की। आखिरकार पुलिस को घटनास्थल पर मिली मृतका की चप्पल से सुराग मिला और हत्या के आरोपित प्रेमी राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसागुड़ी निवासी अशोक कौशिक (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। मृतका की पहचान राजपुर से लगे ग्राम नवकी निवासी दीक्षा सिंह (27 वर्ष) के रूप में हुई।

सरगुजा पुलिस अधीक्षक अमित कांबले ने बताया कि दो नवंबर को मैनपाट मार्ग पर दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली के समीप खाई में महिला की अधजली लाश मिली थी। मृतका का चेहरा और आधा शरीर जला होने की वजह से उसकी शिनाख्त करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रथम दृष्टया ही मामला हत्या का प्रतीत होने पर घटनास्थल तक पहुंचने वाले मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू की गई। साथ ही गुमशुदा प्रकरणों की छानबीन कराने के साथ घटनास्थल पर मिली महिला की चप्पल को जांच का आधार बनाया गया।

इस दौरान पुलिस को पता चला कि राजपुर और शंकरगढ थाना क्षेत्र की कुछ दुकानों और साप्ताहिक बाजारों में उस लोकल कंपनी की चप्पल बेची जाती है। पुलिस टीम इन दोनों थाना क्षेत्र के साप्ताहिक हाट बाजार में मुनादी कराने के साथ थानों में दर्ज गुमशुदा प्रकरणों की जानकारी मंगाई। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि 25 अक्टूबर 2021 से राजपुर से लगे ग्राम नवकी की दीक्षा सिंह नाम की युवती गायब थी।

उसने वही चप्पल पहना था, जो घटनास्थल पर बरामद हुआ था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने दीक्षा के परिजनों से संपर्क किया। मृतका के चप्पल,अधजले कपड़े और शिव की मूर्ति देखकर स्वजन ने उसकी पहचान दीक्षा सिंह के रूप में कर दी। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, तो उसके प्रेमी अशोक कौशिक का नाम सामने आया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने हत्या का सारा राज उगल दिया।

इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में एएसपी विवेक शुक्ला,एसडीओपी अखिलेश कौशिक, दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक आशा तिर्की, उप निरीक्षक शिशिरकान्त सिंह, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह, सरफराज फिरदौसी, राकेश यादव, राकेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुरजीत कोरी, आरक्षक राकेश शर्मा, विकास सिंह, संजय केरकेट्टा, सोहन राजवाड़े, अनुग्रह तिर्की, शहबाज अंसारी, संजय राजवाड़े, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रवीण राठौर, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, अंशुल शर्मा की सक्रिय भूमिका रही।

पुलिस ने बताया कि दोनों आटोमोबाइल शो रूम में काम करते थे। मृतका शादीशुदा थी और कुछ महीनों से पति से अलग मायके में रहकर राजपुर के बजाज आटो शो रूम में काम करती थी। यहीं उसकी पहचान रिकवरी का काम करने वाले अशोक कौशिक से हुई। दीक्षा ससुराल जाना नहीं चाहती थी और आरोपित अशोक कौशिक के साथ शादी करना चाहती थी। इस बात से प्रेमी भयभीत हो गया था और उसने पीछा छुड़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से दीक्षा की हत्या कर दी थी।

उसने 25 अक्टूबर 2021 की सुबह लगभग छह बजे मृतका द्वारा घर से निकलने और प्रेमी के घर आने की जानकारी देकर फोन किया गया। इस पर प्रेमी अशोक कौशिक ने हत्या की योजना बनाई। प्रेमिका से कहा कि वह बस से चरगढ़ गांव तक आ जाए। वह खुद मोटरसायकल से वहां पहुंचा और तुरंत ही उसने मृतका का मोबाइल स्विच ऑफ करा दिया ताकि उसकी खोजबीन में मोबाइल लोकेशन की मदद न मिले।

प्रेमिका को साथ लेकर वह मोटरसाइकल से मैनपाट के लिए निकल गया। घटनास्थल के करीब मोटरसायकल को खड़ी कर मृतका के साथ जंगल के भीतर गया। गला दबाकर हत्या कर दी और शव की पहचान न हो इसलिए पेट्रोल से उसके चेहरे और आधे शरीर को जला दिया।