चुनाव की तैयारीः पहली समीक्षा बैठक में मिली कई त्रुटियां, सुधार के लिए आयोग ने दिया पांच दिनों का समय

रायपुर। छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) में भिलाई, रिसाली समेत 13 नगरीय निकाय (urban body) चुनावों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग (election commission) की बैठक रायपुर (Raipur) में शुक्रवार को हुई। बैठक में चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की तैयारियों की समीक्षा (review meeting) हुई। जहां कई त्रुटियां मिली, वहीं अहम निर्णय भी लिए गए। कोरोना की वजह से रूकी चुनावी प्रक्रिया लगभग डेढ़ साल बाद शुरू हुई है।

बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त (state election commissioner) ठाकुरराम सिंह ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान निर्वाचन आयुक्त तैयारियों से असंतुष्ट नजर आए। चार जिलों की चुनावी तैयारियों में कई कमी दिखी। निर्वाचन आयुक्त ने चुनावी प्रक्रिया में त्रुटि सुधारने के लिए पांच दिन यानि 17 नवंबर तक का समय दिया है। इसके बाद ही चुनाव की तारीखों के ऐलान की बात कही है।

नहीं लगेगी 55 साल से अधिक उम्र वालों की ड्यूटी

निर्वायन आयोग की समीक्षा बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके तहत 55 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। कोराेना संक्रमण व चुनावी कार्य की कठिनाई को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

अगली बैठक में तय होगी चुनाव की तारीख
जानकारी दी गई कि आगली बैठक 17 नवंबर को होने वाली है। इस समीक्षा बैठक के बाद चुनाव वाले निकायों में आचार संहिता (Code of conduct) लगाई जा सकती है। हालांकि इसको लेकर फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

भिलाई-3 चरोदा का चुनाव होगा सही समय पर
चूंकि अब कोरोना के प्रकरण कम हो रहे हैं, इसलिए आयोग ने नगर निगम भिलाई-चरोदा और नगर पालिका सारंगढ़ की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भिलाई, जामुल में चुनाव डेढ़ साल पेंडिंग हो चुका है। वहीं रिसाली में यह एक साल से रुका हुआ है। इधर भिलाई-3 चरोदा निगम का चुनाव एकदम सही समय पर होने जा रहा है। दिसंबर में मौजूदा शहर-सरकार का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।

इन निकायों में होना है चुनाव

बता दें कि रायपुर जिले में नगर निगम बिरगांव, दुर्ग जिले में भिलाई, रिसाली नगर निगम, भिलाई-चरौदा निगर निगम सहित अन्य 13 नगरीय निकायों में चुनाव होने हैं। इन निकायों में दिसंबर 2020 तक ही चुनाव संपन्न करा लेने थे, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए चुनाव टाल दिए गए थे। अब इसी साल के अंत तक चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। इसको देखते हुए ही आयोग ने तेजी से तैयारियों में जुटा है।
(TNS)