15 निकायों में चुनाव की तैयारीः चुनाव आयुक्त ने कलेक्टर-एसपी से कहा हर हाल में कोविड-19 गाइडलाइन का पालन हो

आयोग ने सभी 15 निकायों में आरओ/एआरओ नियुक्ति के लिए अधिकारियों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी की उपलब्धता में कोई कमी हो तो आयोग को अवगत कराएं, ताकि सामान्य प्रशासन विभाग से इस संबंध में बातचीत की जा सके।

रायपुर (raipur)। चुनाव आयोग (election commission) ने मंगलवार को कलेक्टर (collector)-एसपी (SP) सहित संबंधित अधिकारियों की बैठक (meeting) ली। बैठक में प्रदेश (State) के 10 जिलों (districts) के 15 नगरीय निकायों (urban bodies) में अगले माह होने वाले आम चुनाव (General election) के संबंध में तैयारी की समीक्षा की। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्वाचन प्रक्रियाओं के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन के पालन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। बैठक में निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव से खास तौर पर इस संबंध में चर्चा की।

निर्वाचन आयुक्त (election commission) सिंह ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से लेकर मतगणना तक कोविड गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करना है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था रखें। उन्होंने कहा कि मतदान दलों का गठन करने से पूर्व इस बात पर विशेष ध्यान दें कि सभी मतदान कर्मी वैक्सीनेटेड हों।

सुरक्षा संबंधी छोटी से छोटी बात का ध्यान रखें
निर्वाचन आयुक्त (election commission) ने कहा कि मतदान केन्द्र, नामांकन प्राप्ति केन्द्र, संवीक्षा केन्द्र, वितरण वापसी केन्द्र इत्यादि गतिविधियों और केन्द्रों पर कोविड-19 गाईडलाईन का पालन के साथ-साथ मतदान कार्य में लगे कार्मिकों के लिए उचित चिकित्सा व्यवस्था रखें। मतदान केन्द्रों में मतदान के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही मतदाताओं के लिए पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन कर मतदान केन्द्रों की वार्डवार संख्यात्मक जानकारी, संवेदनशील/अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों का चिन्हांकन कर रखें। सुरक्षा संबंधी छोटी से छोटी बात का ध्यान रखें।

चुनाव के लिए अधिकारी-कर्मचारी की स्थिति की मांगी जानकारी
आयोग ने सभी 15 निकायों में आरओ/एआरओ नियुक्ति के लिए अधिकारियों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी की उपलब्धता में कोई कमी हो तो आयोग को अवगत कराएं, ताकि सामान्य प्रशासन विभाग से इस संबंध में बातचीत की जा सके।

निर्वाचन व्यय पर बारीकी से निगाह रखनी है
निर्वाचन आयुक्त (election commission) ने कहा कि निर्वाचन व्यय पर भी बारीकी से निगाह रखनी है। निर्वाचन व्यय संपरीक्षक इस कार्य को अंजाम देंगे. उन्होंने मतपत्रों के मुद्रण के लिए मुद्रणालय में मुद्रण की व्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में जहां तक संभव हो शासकीय वाहन का ही इस्तेमाल करें।

वाहनों की उपलब्धता के निर्देश
उन्होंने कलेक्टरों से जिले में उपलब्ध वाहनों की संख्यात्मक जानकारी भेजने को भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शासकीय वाहनों को यदि मरम्मत की ज़रूरत हो तो यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवा लें। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि सामग्री वितरण, वापसी केन्द्र, स्ट्रांग रूम एवं मतगणना केंद्र के लिए ऐसे स्थान का चयन करें। जहां कोविड 19 के गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने ओनो साॅफ्टवेयर का उपयोग
उन्होंने नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के लिए ओनो साॅफ्टवेयर का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने उम्मीदवारों को ओनो के संबंध में सहायता देने सुविधा केन्द्र की स्थापना और सुविधा केन्द्र पर कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं कर्मचारियों की नियुक्ति, कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर आदि के इंतजाम रखने के निर्देश भी दिए।

सुरक्षा के लिए बस्तर संभाग पर पूरा ध्यान रखें
आयुक्त ने मतदान का प्रतिशत बढ़ाये जाने औऱ मतदाताओं को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने जाबो कार्यक्रम के द्वारा अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में निर्वाचन प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (धारा 144 एवं अन्य धारा अन्तर्गत), बल की व्यवस्था, बस्तर संभाग के जिलों के लिए सुरक्षा व्यवस्था आवश्यकतानुसार अस्त्र-शस्त्र लायसेंस जमा करने संबंधी आदेश, सभा जुलूस का नियमन आदि पर भी चर्चा की।

निर्धारित समय पर शराब पर प्रतिबंध हो
उन्होंने मतदान के पूर्व शराब पर प्रतिबंध लगाने के सम्बंध में भी चर्चा हुई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्थानीय प्राधिकारी (निर्वाचन अपराध) अधिनियम, 1964छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985, ध्वनि विस्तार यंत्रों पर प्रतिबंध, छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994,आदर्श आचरण संहिता का पालन पर भी चर्चा की।

(TNS)