रिटायरमेंट के दिन कर्मचारियों ने थमा दी जूते की माला, फेयरवेल पर अधिकारी ने कहा धन्यवाद

यह मामला मध्यप्रदेश रींवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का है। जहां डिप्टी रिजस्ट्रार लाल साहब सिंह रिटायर हुए हैं। उसके बाद उनका फेयरवेल था। इसी दौरान कर्मचारी नेताओं ने उन्हें जूते की माला दे दी। जानकारी के मुताबिक विदाई समारोह का कर्मचारी यूनियनों ने बहिष्कार किया था।

रींवा (Rewa)। किसी कार्यालय से अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी रिटायरमेंट (Retirement) होता है तो उनके सम्मान में फेयरवेल (Farewell) रखा जाता है। फूल-मालाओं से उनका सत्कार किया जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान की उपलब्धियां बताकर स्मृतिचिन्ह सौंपा जाता है, लेकिन इस कार्यालय में ऐसा कुछ होने की बजाय रिटायरमेंट पर्सन को जूते की माला थमा दी गई। इस पर सामने वाले ने नाराज होने की बजाय थैंक्यू कहा।

जी हां यह सच है.. युनिवर्सिटी (University) के डिप्टी रजिस्ट्रार (Deputy Registrar) को रिटायरमेंट के दिन जूते की माला पहनाकर दुर्व्यवहार किया गया। हालांकि जूते की माला देने के बाद भी डिप्टी रजिस्ट्रार ने कर्मचारी (Staff) नेताओं को धन्यवाद, थैंक्यू कहा।

मामला मध्यप्रदेश रींवा का
यह मामला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) रींवा (Rewa) के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का है। जहां डिप्टी रिजस्ट्रार लाल साहब सिंह रिटायर हुए हैं। उसके बाद उनका फेयरवेल था। इसी दौरान कर्मचारी नेताओं ने उन्हें जूते की माला दे दी। जानकारी के मुताबिक विदाई समारोह का कर्मचारी यूनियनों ने बहिष्कार किया था। ऐसे में जैसे ही रिटायर डिप्टी रिजस्ट्रार कुलपति कक्ष में गए, तो गैलरी में कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने उन्हें घेर लिया।

पहले किए नमस्कार और फिर थमा दी जूतों की माला
कर्मचारी नेता अपने साथ जूतों की माला लेकर गए थे। पहले तो उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार को दुआ सलाम किया और फिर उन्हें जूते की माला थमा दी। डिप्टी रजिस्ट्रार ने भी उन्हें धन्यवाद करते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने मूर्दाबाद के नारे लगाए।

उनके कार्यकाल में कर्मचारियों से होता रहा टकराव
बता दें कि डिप्टी रजिस्ट्रार को कर्मचारी विरोधी (Protest) कहा जाता था। 20 साल के उनके कार्यकाल में हमेंशा कर्मचारियों से टकराव हुआ। लिहाजा रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपनी खीज उनसे निकाली।

(TNS)