नवा जतन योजना से बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर आएगा सुधारः शिक्षा मंत्री

रायपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगे लाकडाउन और पाबंदियों ने बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर डाला। शिक्षकों के कई नवाचार के बाद भी बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार नहीं है। शैक्षणिक रुप से पिछड़े हुए बच्चों के स्तर में सुधार के लिए एससीईआरटी ने नवा जतन योजना लाई। इस योजना का शुभारंभ रविवार को स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में पहली से 8वीं तक के बच्चों का बेसलाइन आकलन केवल इसलिए नहीं था कि हम यह जान सके कि बच्चे वर्तमान में किस कक्षा के स्तर पर हैं, बल्कि उससे हमें यह भी जानना चाहते थे कि बच्चे अपनी वर्तमान कक्षा के स्तर पर है या नहीं।

बेसलाइन आकलन में 95 प्रतिशत बच्चों का रिकार्ड

बेसलाइन आकलन के तहत राज्य में पढ़ने वाले लगभग 95 प्रतिशत बच्चों का रिकार्ड उपलब्ध है और संभवतः छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है जिसके पास कक्षा एक से आठ तक का प्रत्येक बच्चा किस स्तर पर है, यह जानकारी उपलब्ध है। अब कक्षा पहली से आठवीं तक के प्रत्येक बच्चे का शैक्षणिक स्तर विभागीय वेब पोर्टल के माध्यम से देखा जा सकता है।

सुधार जाएगा बच्चों का स्तर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब जब हमकों यह ज्ञात हो चुका है कि बच्चे किस स्तर पर हैं तो हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने बच्चों को उनके वर्तमान कक्षा के स्तर तक लाएं, इसके लिए बच्चों को उपचारात्मक शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है। मंत्री इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सेतु पाठ्यक्रम 2.0 के तहत नवा जतन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

कोरोना काल में 90 प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावितः कमलप्रीत

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना काल में बच्चों को स्कूल से दूर रखा। ऑनलाइन शिक्षा ज्यादा प्रभावी नहीं होने के कारण 90 प्रतिशत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। ऐसे बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्कूल खुलते ही सेतु पाठ्यक्रम संचालित किया गया।

नवा जतन की होगी मानिटरिंग

एससीईआरटी के संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि नवा जतन कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए व्यवस्था बनाई गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम को एससीईआरटी के अपर संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण में स्रोत समूह के रूप में प्रत्येक जिले से चार लोगों एक सहायक परियोजना अधिकारी, एक डाईट शिक्षक और दो शिक्षक उपस्थित थे।