छत्तीसगढ़ टी-कॉफी बोर्ड का गठन…जानिए कहां होगी खेती और कैसा है वहां की जमीन

टी कॉफी बोर्ड

रायपुर। खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने छत्तीसगढ़ में चाय और काफी बोर्ड (Tea and Coffee Board) का गठन किया है। इस दौरान कृषि मंत्री रविंद्र चौबे (Ravindra Choubey) भी मौजूद रहे। इस बोर्ड उद्योग मंत्री (Industries Minister) उपाध्यक्ष होंगे।

दरअसल, जशपुर (Jashpur) जिले के पठारी क्षेत्र की जलवायु चाय की खेती के लिए अनुकूल है। मध्य भारत में जशपुर जिला ही ऐसा है जहां पर चाय की सफल खेती की जा रही है। शासन के जिला खनिज न्यास मद योजना, वन विभाग के सयुक्त वन प्रबंधन सुदृढ़ीकरण, डेयरी विकास योजना एवं मनरेगा योजना से चाय खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन के सहयोग से लगभग 50 कृषकों के 80 एकड़ कृषि भूमि पर चाय की खेती का कार्य प्रगति पर है। इस बोर्ड में अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय, कृषि उत्पादन आयुक्त, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी, कृषि/उद्यानिकी एवं वन विभाग के एक-एक अधिकारी सहित दो विशेष सदस्य भी शामिल किए जाएंगे।

सीएम भूपेश ने कहा-खेती को बढ़ावा मिलेगा
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि स्थानीय कृषकों एवं प्रसंस्करणकर्ता लोगों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए और राज्य में चाय-कॉफी की खेती को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ टी कॉफी बोर्ड का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि आगामी 3 वर्षों में कम से कम दस-दस हजार एकड़ में चाय एवं कॉफी की खेती करने का लक्ष्य अर्जित किया जाएगा। चाय एवं कॉफी की खेती करने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं कृषि विभाग की अन्य सुविधाएं दी जाएगी।

(TNS)