मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों का ऐलान, जब मिलेगा न्यूनतम वेतनमान-तभी करेंगे काम

कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक ने ठेका कंपनी के स्थानीय प्रबंधक से सफाई कर्मियों का बकाया जल्द भुगतान कराने व हटाए गए कर्मचारियों को वापस सेवा में लेने की अपील की है।

बुधवार को अपनी मांगों को लेकर सभा करते मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मी।

तीरंदाज, बस्तर। जिले के मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों ने बुधवार को काम बंद करने की चेतावनी दी है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि ठेका कंपनी द्वारा उन्हें तय न्यूनतम वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। कर्मचरियों का कई महीनों का वेतन बकाया है और कुछ कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए हटा दिया गया है। प्रशासन से शिकायत के बाद भी ठेका कंपनी द्वारा किये जा रहे शोषण पर ध्यान नहीं दिया गया।

मेडिकल कॉलेज में सफ़ाई व्यवस्था के लिए निजी कंपनी को सरकार ने ठेका दिया है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतनमान नहीं दिया जाता है। साप्ताहिक अवकाश से भी उन्हें वंछित किया जा रहा है। इस की शिकायत जब श्रम अधिकारी से की गई तो कंपनी प्रबंधन ने दबाव बनाने का प्रयास किया

आरोप है कि महिला कर्मचारियों द्वारा भी सामूहिक रूप से कामगार सभा के नेतृत्व में किसी को 4 माह तो किसी को 12 माह का वेतन नहीं देने की श्रम विभाग में शिक़ायत की गई थी। इसी तरह कोविड संक्रमण के समय काम पर लिए गए कर्मचारियों को अब तक भुगतान ना होने की शिकायत भी की गई थी। इससे नाराज स्थानीय प्रबंधक ने 20 से अधिक कर्मचारियों को बिना वेतन और पूर्व नोटिस दिए ही सेवा से बेदखल कर दिया।

इसे लेकर मेडिकल कॉलेज की 200 के करीब महिला सफ़ाई कर्मचारियों ने ठेका कंपनी के प्रबंधन से कर्मियों का बकाया वेतन देने और हटाए गए कर्मचारियों को वापस रखने की मांग की थी। साथ ही 48 घंटे के भीतर मांगें नहीं मानने पर सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने की मौखिक चेतावनी दी थी। आज सफाई कर्मियों ने ठेका कंपनी सीएमएस के स्थानीय कार्यालय में आवेदन देकर अगले 24 घंटे में सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है।

यदि सफ़ाई कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो मेडिकल कॉलेज की सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी। कामगार सभा के प्रमुख संरक्षक ने ठेका कंपनी के स्थानीय प्रबंधक से सफाई कर्मियों का बकाया जल्द भुगतान कराने व हटाए गए कर्मचारियों को वापस सेवा में लेने की अपील की है।