GWALIOR NEWS. लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी को न पकड़ पाने पर डबरा थाना पुलिस पर गाज गिर गई। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच से बार-बार वारंट जारी किए जा रहे थे। मगर, हर बार पुलिस की ओर से यही जवाब भेजा जा रहा था कि आरोपी नहीं मिल रहा और दिए गए पते पर उपलब्ध नहीं है।

HC ने SSP को किया तलब
हाई कोर्ट ने बुधवार को इस ढिलाई पर नाराजगी जताई और सुनवाई के दौरान एएसआई गोवर्धन सिंह से कहा, “अपने एसएसपी को बुलाकर लाओ।” कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी होते ही पुलिस हरकत में आ गई। इसके बाद ताबड़तोड़ दबिश देकर करीब 15 मिनट के अंदर फरार वारंटी देवी सिंह को गिरफ्तार कर डबरा थाने ले आई।

सिविल केस में वारंटी था देवी सिंह
वारंटी देवी सिंह सिविल केस में वांछित था और उसके खिलाफ कई बार वारंट जारी हो चुके थे। इसके बावजूद डबरा पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। वारंटी न पकड़ने को लेकर कोर्ट को जो जवाब भेजा गया था, वह एएसआई गोवर्धन सिंह ने अपने स्तर पर तैयार किया था।

टीआई को किया गया निलंबित
एएसआई ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भी नहीं दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने टीआई को निलंबित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि टीआई धर्मेंद्र यादव ने कुछ दिन पहले ही थाने का कार्यभार संभाला था। मामले में लापरवाही मानते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह ने एएसआई गोवर्धन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

पहली बार इतनी तेजी से हुआ एक्शन
बताया जा रहा है कि पहली बार किसी पुलिसकर्मी पर इस तरह की कार्रवाई इतनी तेजी से की गई है। पुलिस अधिकारियों ने वारंटी को गिरफ्तार करने में ढिलाई बरतने के आरोप में टीआई लापरवाही मानी और उसे निलंबित कर दिया।




































