RAJNANDGAON NEWS. राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र की महिला जनपद सदस्य के साथ भरी ग्राम सभा में सरपंच द्वारा अपमानित किए जाने का मामला सामने आया है। जिसके बाद आदिवासी समाज ने इस पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर आक्रोश जताया है। उग्र हुए आदिवासी समाज के लेागों ने कलेक्टर, एसपी कार्यालय पहुंचकर तीन दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है ।
बोरतालाब के सरपंच द्वारा महिला जनपद सदस्य को ग्राम सभा में अपमानित करने के मामले से आदिवासी समाज में आक्रोश है। इस मामले में रिपोर्ट के बाद भी पुलिस के द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर समाज आंदोलित हो रहा है । पूर्व सरपंच एवं वर्तमान जनपद सदस्य सभापति सरिता मंडावी ने कहा कि बीते 28 अगस्त को आश्रित ग्राम छिंदी जोब में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था । इस ग्राम सभा में क्षेत्र की प्रतिनिधि होने के नाते वह भी शामिल हुई थी ।
इस दौरान उन्होंने अपने सरपंच रहते हुए पूर्व में किए गए कार्यों के भुगतान को लेकर वर्तमान सरपंच कैलाश उईके से बात की। इस पर वर्तमान सरपंच ने कहा कि कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, इसलिए भुगतान नहीं करेंगे। जनपद सदस्य ने कहा कि कार्य पूर्ण हो चुका है जिसका सत्यापन संबंधित इंजीनियर ने भी किया है । इसके बाद सरपंच ने उन्हें गोड़-गंवार कहकर संबोधित किया और भरी सभा में उन्हें अपमानित कर दिया ।
इधर भरी सभा में आदिवासी समाज की महिला जन प्रतिनिधि को अपमानित किए जाने के मामले में आदिवासी समाज में रोष है । आज समाज के लोगों ने इस पर कार्रवाई नहीं होती देख पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया है। आदिवासी समाज के पदाधिकारी सुदेश टीकम ने कहा कि यह आदिवासी महिला का सार्वजनिक अपमान का मामला है। उन्होंने कहा कि आज अंतिम अल्टीमेटम देने समाज के लोग यहां पहुंचे हैं, यदि तीन दिवस के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करेगा।




































