BILASPUR NEWS. बलरामपुर जिले में शादी समारोह के दौरान डीजे पर नाचते-नाचते एक मासूम की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने पूछा कि जब डीजे पर पहले से ही रोक है तो फिर यह बज क्यों रहा है?
अदालत ने कहा कि 50 डेसिबल से ज्यादा शोर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बावजूद इसके शादी-ब्याह और आयोजनों में डीजे खुलेआम बज रहे हैं। कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है?
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ किया कि अब सिर्फ पुराने कानूनों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। सरकार को चाहिए कि शोर प्रदूषण को रोकने के लिए नए और सख्त प्रावधान लाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।
न्यायालय ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। कोर्ट ने पूछा कि जब रोक है तो फिर उनकी मौजूदगी में ये डीजे कैसे बज रहे हैं? अदालत ने निर्देश दिया कि जवाबदेही तय की जाए और शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, 50 डेसिबल से ज्यादा ध्वनि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। बलरामपुर की यह घटना अब पूरे प्रदेश में शोर प्रदूषण को लेकर गंभीर बहस का मुद्दा बन गई है।




































