JAGDALPUR NEWS. माओवादियों की पार्टी के महासचिव बसवा राजू की मौत और घेराबंदी पर नक्सलियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने पत्र जारी कर पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने अंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू को जिंदा पकड़ लिया था। इसके बाद उन्हें निहत्थे होने पर मारा गया है। इसे लेकर बस्तर आईजी ने नक्सलियों के पत्र का खंडन करते हुए इस झूठ बताया है।

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माओवादियों ने आरोप लगाया है कि 6 महीने की शांति वार्ता के लिए आवश्यक सीज फायर घोषित करने के बाद भी पुलिस ने इसका उल्लंघन किया और उनके कई कैडर को घेराबंदी कर मार गिराया।


वहीं अब बस्तर रेंज आईजी सुंदर राज पी ने माओवादियों के इस पत्र का खंडन करते हुए कहा कि जिस वक्त मुठभेड़ हुई सिलसिलेवार नक्सलियों की तरफ से गोलीबारी की जा रही थी और उसी का जवाब देने के दौरान नक्सलियों के सभी लीडर मारे गए। जिसमें बसवा राजू भी शामिल था।

उन्होंने कहा कि नक्सली अपने लीडर के बलिदान को गौरवपूर्ण बताने के लिए यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि जिंदा पकड़ने के बाद बसावराजू को मारा गया। यहां तक की जो नक्सली एंबुश तोड़ने में कामयाब रहे असल में वह मौके से अपने लीडर को छोड़कर भाग खड़े हुए जिसे नक्सली छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

बस्तर रेंज आईजी सुंदर राज पी ने नक्सलियों के प्रवक्ता विकल्प के इस पत्र को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि इसकी बात सच नहीं है।




































