LORMI NEWS. लोरमी में 7 वर्षीय बच्ची के अपहरणकांड को हुए 13 दिन गुजर गए हैं। इसके बावजूद पुलिस के हाथ अभी भी खाली के खाली हैं। बच्ची का अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। अब इस मामले में पुलिस आमजनों की मदद ले रही है। पहले जिले के एसपी ने आरोपी की जानकारी देने वाले पर 10 हजार इनाम की घोषणा की। तो वहीं आज बिलासपुर आईजी ने 30 हजार नगद ईनाम को घोषणा कर दी है। वहीं पुलिस अब संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की बात कह रही है।


लोरमी के कोसाबाड़ी गांव में रहने वाली 7 साल की महेश्वरी गोस्वामी उर्फ लाली का 11 अप्रैल की रात को उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वो अपनी माँ के साथ घर पर एक ही खाट पर सो रही थी। बच्ची के अपहरण की रिपोर्ट दूसरे दिन थाना पहुंचकर बच्ची की मां ने दर्ज कराई थी।

इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने उसकी खोजबीन शुरू की। जिले के पुलिस अधीक्षक की मानें तो बच्ची की खोज में 8 अलग -अलग टीमें बनाकर जांच की जा रही है। वहीं इस काम में साइबर एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।

सारी कोशिशें नाकाम होने के बाद अब पुलिस आमजनों से मदद की अपील कर रही है। जिले के पुलिस कप्तान ने जहां 24 अप्रैल को आरोपी के बारे में जानकारी देने वाले को 10 हज़ार नगद ईनाम की घोषणा की है।

वहीं एसपी की घोषणा के दूसरे दिन बिलासपुर रेंज आईजी ने भी इस मामले में 30 हजार नगद ईनाम की घोषणा कर दी है। वहीं एसपी का कहना है कि पुलिस इस मामले में संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ताकि बच्ची के बारे में कोई जानकारी हाथ लग सके।

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मासूम बच्ची की खोजबीन में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है। बावजूद उसके पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पुलिस अब इस मामले में आमजनों से आरोपियों के संबंध में जानकारी देने की अपील कर रही है। देखना होगा कि पुलिस के इस प्रयास पर उसे कब तक सफलता मिलती है और मासूम बच्ची कब अपने घर लौटती है।




































