नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने पूरे देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया। पिछले साल की तुलना में गरीबों की संख्या दोगुनी हो गई है। मगर, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस दौरान भारत में पिछले साल 40 अरबपति नए बन गए। ऑक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां भी महामारी के दौरान अमीरों की संपत्ति दोगुनी से ज्यादा हो गई। वहीं, दूसरी ओर एक बड़ी जनसंख्या महामारी और गरीबी से जूझते रही। इस रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि सरकार को सपंत्ति वितरण की अपनी नीतियों को संशोधित करने पर ध्यान देना चाहिए।
ऐसे समझिए कैसे फैला है असमानता का जाल
दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन का प्रयास करने वाली संस्था Oxfam ने अपनी 2022 की रिपोर्ट में बताया कि कैसे महामारी के दो सालों में दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति जबरदस्त तेजी से दोगुनी हुई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 700 अरब डॉलर से बढ़कर 1.5 ट्रिलियन डॉलर हो गई। यानि कि इनकी संपत्ति हर दिन औसतन 1.3 बिलियन डॉलर की रफ्तार से बढ़ी।
दावोस में हो रहे वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम में ग्लोबल Oxfam Davos report of 2022 में ये सारे अध्ययन सामने आए हैं। ऑक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट में भारत को लेकर बताया गया है कि यहां भी कोविड-19 महामारी के दौरान अमीरों की संपत्ति दोगुनी से ज्यादा हो गई। वहीं, दूसरी ओर एक बड़ी जनसंख्या महामारी और गरीबी से जूझती रही। इस रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि सरकार को सपंत्ति वितरण की अपनी नीतियों को संशोधित करने पर ध्यान देना चाहिए।
ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जब देश भयंकर दूसरी लहर से जूझ रहा था, लोग स्वास्थ्य सुविधाएं वक्त न मिल पाने के कारण मर रहे थे और श्मशानों घाट लाशों से पटे हुए थे, तब देश में 40 नए लोग अरबपति बन गए। इन लोगों के पास कुल मिलाकर 720 अरब डॉलर की संपत्ति है। अगर भारत की 40 फीसदी जनसंख्या की कुल संपत्ति मिला दें, तो भी ये उससे ज्यादा ही होगा।




































