RAIPUR. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को एक महीने पूरे हो गए हैं। इस बीच कई मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच वार पलटवार हो रहा है। कांग्रेस ने तो भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए यहां तक कह दिया है की छत्तीसगढ़ केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।

छत्तीसगढ़ की सत्ता पर 15 साल काबिज रही भाजपा की 2018 में चौथी बार सरकार नहीं बन पाई। लेकिन 5 साल बाद ही अर्थात 2023 में फिर से कांग्रेस को परास्त कर सरकार बना ली। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा 13 दिसंबर को शपथ लिए। अब शपथ लिए एक माह का वक्त बीत चुका है। इस बीच कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का कहना है छत्तीसगढ़ केंद्र शासित प्रदेश हो गया है। केंद्र सरकार के बिना यहां कुछ फैसला नहीं हो रहा है। हम तो चाहते हैं सरकार काम करें, स्वागत करेंगे। मैं नेता प्रतिपक्ष के रूप में पत्र लिखूं और मंत्रियों के बंगले जाऊं। महंत के इस बयान पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा सारे निर्णय यही से लिए जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार में निर्णय 10 जनपद से होता था। ढाई-ढाई साल को लेकर गुट की राजनीति दिखी। वरिष्ठ नेता चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष थे । तब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की केंद्र शासित सरकार पर नहीं बोले।

दरअसल छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार को मोदी की गारंटी को पूरा करना है। ऐसे में स्वाभाविक है कुछ निर्णय डबल इंजन वाली सरकार की मदद से लिया जा रहा है। आगामी दिनों में लोकसभा चुनाव भी है। ऐसे में कांग्रेस को लगने लगा है की छत्तीसगढ़ में इस गारंटी के कारण भी उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए राज्य की सरकार को नाकाम बताने की कोशिश कांग्रेस कर रही है।




































