BHILAI. स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय भिलाई में ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी विभाग एवं क्रेडा के संयुक्त तत्वावधान में पूरे सप्ताह अलग- अलग प्रकार के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसका पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह का आयोजन क्रेडा की सहायक अभियंता वर्षा बघेल के आतिथ्य में संपन्न हुआ।वहीं एनर्जी ऑडीटर संजय कुमार मिश्रा तथा महाविद्यालय बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष शिवानी शर्मा ने सप्ताह भर आयोजित इस कार्यक्रम के मूख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए विजयी प्रतिभागियों के नाम की घोषणा की।मुख्य अतिथि वर्षा बघेल ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि हार या जीत ये तो दो पहलू हैं। पर अपने अंदर आत्मविश्वास बनाये रखें तो सफलता जरूर मिलता है।
विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये वीडियो की सराहना करते हुये कहा इस प्रकार के प्रयास से लोगों को ऊर्जा संरक्षण के लिये प्रेरित करें। बढ़ती जनसंख्या एवं अर्थव्यवस्था के कारण ऊर्जा की मांग बढ़ती जा रही है। अगर हम ऊर्जा का संरक्षण नहीं करते तो ऊर्जा संकट भयावह रुप ले लेगी। हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों जैसे निजी वाहनों का प्रयोग न कर सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग से बिजली की बचत कर ऊर्जा बचा सकते हैं।
संजय मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा ऊर्जा बचत को अपने स्वभाव में शामिल कर लेना चाहिये। विद्युत् की खपत बढ़ रही है दो हजार पांच में यह 630 व्यक्ति प्रति यूनिट था, 2030 तक 2800 प्रति यूनिट बढ़ने की संभावना है। कार्बन डाईआक्साईड उत्सर्जन के मामले में भारत चौथे नंबर पर है। भारत की कार्बन उत्सर्जन में योगदान सात प्रतिशत है। भारत 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य प्रतिशत तक लाने के लिये प्रयासरत है।











































