BILASPUR. हिस्ट्रीशीटर गोलीकांड मामले में बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। संजू त्रिपाठी गोलीकांड में पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा कि पैतृक संपत्ति के बंटवारे में रिश्तेदारों ने ही हत्या की कहानी रच डाली थी।

बिलासपुर पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश करते हुए कहा कि बीते 14 दिसंबर को गोलीकांड की बड़ी वारदात हुई थी। इस घटना में दिनदहाडे हिस्ट्रीशीटर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। बिलासपुर SSP पारुल माथुर ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटर्स से दस लाख में सौदा हुआ था। मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी लखनऊ (उत्तरप्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया गया है।

हत्याकांड में भाई, पिता और अन्य रिश्तेदारों ने साथ मिलकर हत्या की कहानी रची थी। गोलीकांड में सैकड़ों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। पांच राज्य के CCTV के फुटेज को देखा गया। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली के CCTV फुटेज खंगाले गए। इस मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए है। साथ ही तीन पिस्टल भी बरामद कर लिया गया है। झारखंड और रायगढ़ के पांच अज्ञात शूटर और हथियार सप्लायर फिलहाल फरार हैं।

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में गोलीकांड में हर रोज जुर्म के नए पन्ने खुल रहे थे। पुलिस ने इस खूनी खेल में दो और संदेहियों को अरेस्ट किया है। संदेहियों के पास से पिस्टल भी जब्त किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर संजू गोलीकांड मामले में अवैध पिस्टल के साथ दो युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया। शूटरों और मुख्य आरोपी कपिल को भगाने में सहयोग करने वाले युवक भी पुलिस हिरासत में हैं। हत्या का मुख्य संदेही कपिल त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पारिवारिक संपत्ति विवाद में संजू त्रिपाठी की हत्या करने की बात सामने निकलकर आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार दत्तक पुत्री के साथ बाप और मृतक संजू का अवैध संबंध था। संजू त्रिपाठी परिवार के सभी लोगों से दुर्व्यवहार आचरण करता था। इन्हीं कारणों से घटना को अंजाम दिया गया। संजू त्रिपाठी को गोली मारकर हत्या करने पिछले करीब 40 दिन से तैयारियां चल रही थी। बाहर से शूटर बुलाए गए थे, दर्जन भर से अधिक आरोपी षडयंत्र मे सम्मिलित थे। षड्यंत्र में शामिल आरोपियों के भागने के लिए प्रयुक्त एक और वाहन को जब्त किया गया था।






































