BHILAI. भारती विश्वविद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस और शिशु सुरक्षा दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ऑफलाइन स्पर्धा में प्रतिभागियों ने दमखम दिखाया। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस एवं शिशु संरक्षण दिवस सात नवम्बर को भारती विश्वविद्यालय के पोषण एवं आहार विज्ञान विभाग ने ऑफलाइन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
यह 0 से 1 वर्ष के शिशु शिशुओं को पोषण संबंधी पहलु के रूप में और साथ ही कैंसर के लोगों को पोषण संबंधी दिशा-निर्देशों से पहले या बाद में रोकथाम के दिशा-निर्देशों के संरक्षण में एक बड़ी मदद होगी।
इस दौरान भारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, रजिस्ट्रार डॉ.वीरेंद्र कुमार स्वर्णकार, विधि विभाग के डीन डॉ.केसी.दलाई, आईक्यूएसी के निदेशक डॉ.रामासामी राजेश कुमार, अकादमिक डीन डॉ.आलोक भट्ट और भारती विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की।
कार्यक्रम में पोषण की विभागाध्यक्ष सपना पांडे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि कैंसर रोगियों में पोषण संबंधी आवश्यकताओं की मूल बातें और शिशु जीवन के प्रारंभिक वर्षों में शिशु संरक्षण के महत्व के बारे में बताया। डॉ.रामासामी ने देश में कैंसर जागरूकता के महत्व से अवगत कराया और भारत में कैंसर के वर्तमान आंकड़ों के बारे में चर्चा की। कानून विभाग के डीन डॉ.केएच.दलाई ने अनुच्छेद 21 “स्वास्थ्य का अधिकार” जैसे कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी।
न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स में डिप्लोमा के विद्यार्थी डॉ. धवल मवानी ने “पोषण के साथ कैंसर से लड़ना” विषय पर एक पावर पॉइंट प्रजेंटेशन दिया।
37 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
वहीं विषय से संबंधित भाषण प्रतियोगिता में 37 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। स्पर्धा में संजना गुप्ता प्रथम, नेहित चावड़ा द्वितीय और तृतीय स्थान पर तनु बंजारे रहीं। स्पर्धा में डॉ.वंदना श्रीवास, डॉ.प्रतिभा कुरुप ने बतौर निर्णायक उपस्थित रहे।






































