TIRANDAJ DESK. भारत में बनीं सर्दी-जुकाम की चार सिरप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अलर्ट जारी किया है। WHO ने ये अलर्ट गाम्बिया में दर्जनों बच्चों की मौत और किडनी से जुड़ी दिक्कतें सामने आने के बाद जारी किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट की माने तो लैब एनालिसिस में इन चारों कफ सिरप में डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है।
भारत की मेडेन फार्मास्यूटिकल की बनाई प्रोमिथैजीन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समैलिन बेबी कफ सिरप, मेकऑफ बेबी कफ सिरप और मैगरिप एन कोल्ड सिरप को लेकर WHO ने अलर्ट जारी करते हुए खतरनाक बताया है। मेडेन फार्मास्यूटिकल की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी 1990 में शुरू हुई थी। मेडेन फार्मास्यूटिकल के खिलाफ अब भारत में भी जांच शुरू हो गई है।
मेडेन फार्मास्यूटिकल के हरियाणा में तीन और मैनुफैक्चरिंग प्लांट है। जबकि, दिल्ली के नेताजी सुभाष पैलेस में इसका कॉर्पोरेट ऑफिस है। ये कंपनी लिक्विड सिरप, लिक्विड इंजेक्शन, इंजेक्शन के लिए पाउडर, क्रीम, टैबलेट, कैप्सूल, जेल आदी बनाती है। हर महीने लगभग 10 करोड़ टैबलेट और 22 लाख लीटर सिरप का उत्पादन कंपनी करती है। जानकारी के अनुसार भारत में प्रोडक्ट्स की बिक्री करने के साथ-साथ ये कंपनी एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों में अपने प्रोडक्ट निर्यात भी करती है।
अफ्रीकी देश गाम्बिया में किडनी की समस्या से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ने और कुछ बच्चों की मौत भी होने पर मेडिकल अधिकारियों ने जुलाई में अलर्ट जारी किया था। सारे बच्चों की उम्र 5 साल से कम और सिरप लेने के 3 से 5 दिन बाद ही वो बीमार हो रहे थे। अब तक वहां 66 बच्चों की मौत हो चुकी है। सभी की मौतों में एक सा ही पैटर्न सामने आया था। गाम्बिया की हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर मुस्तफा बिटाये ने बताया कि मेडेन फार्मास्यूटिकल के प्रोडक्ट्स पर बैन लगाने के बाद से मौतों की संख्या में कमी आई है।

WHO ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि मेडेन फार्मास्यूटिकल के चारों कफ सिरप में डाइथिलीन ग्लायकोल (Diethylene glycol) और इथिलीन ग्लायकोल (Ethylene glycol) की जरूरत से ज्यादा मात्रा पाई गई है। 29 सितंबर को WHO ने CDSCO की इसकी जानकारी दे दी थी। और इनकी बिक्री पर रोक लगाने को भी कहा था। WHO का अलर्ट आने के बाद मेडेन फार्मास्यूटिकल के खिलाफ सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने जांच शुरू कर दी है।
बता दें डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल इंसानों के लिए घातक हो सकता है। इसकी कारण पेट दर्द, उल्टी, दस्त, पेशाब करने में दिक्कत, मानसिक स्थिति में बदलाव और गंभीर किडनी इंजरी जैसे समस्या आ सकती है और मौत भी हो सकती है।








































