RAIPUR. राजधानी की पुलिस ने सोमवार की रात शहर में सक्रिय सटोरियों की धरपकड़ का अभियान चलाया तो एक बड़ा तथ्य सामने आया। पकड़े गए सभी 25 सटोरिए स्कूल या कॉलेज के स्टूडेंट हैं, जिन्होंने कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में ऑनलाइन सट्टे को जरिया बना लिया था। खास ये कि इनमें से 2 नाबालिग भी है। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। बता दें कि यही हाल भिलाई का भी है। कई सफेदपोश इससे जुड़े हैं।
रायपुर पुलिस ने देर रात शहर में तीन अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान ऑनलाइन एप के माध्यम से सट्टा खिलाने वालों को पकड़ा गया। सभी को थाने लाया गया। यहां जब उनसे पूछताछ की गई तब पता चला कि ये शहर के अलग-अलग स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र हैं। इन लोगों ने इस अवैध कारोबार को आराम से और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए बकायदा किराए का मकान ले रखा था। पुलिस ने इनके कब्जे से 23 मोबाइल, तीन लैपटॉप, रजिस्टर और नकदी के साथ ही कई करोड़ की सट्टा पट्टी जब्त की है।

सौ से ज्यादा एप को बनाया जरिया
इतना ही नहीं, पुलिस को जब्त मोबाइल और लैपटॉप की जांच में कई और तथ्यों का पता चला है। ये सटोरिए कई ऑनलाइन एप और वेबसाइट के जरिए अवैध कारोबार कर रहे थे। पुलिस को अब तक महादेव, रेड्डी एना, लेज़र बुक, टाइगर जैसे 100 से ज्यादा ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाली वेबसाइट्स का पता चला है।
सोशल साइट से खोजते थे ग्राहक
सटोरिए इस अवैध कारोबार को संचालित करने के लिए सोशल साइट्स का उपयोग करते थे। वॉट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए ये नए पुराने ग्राहकों से संपर्क करते थे। वहीं इसी के जरिए उन्हें सट्टे पर दांव लगाने का झांसा देते थे।

अलग-अलग खातों में जमा कराते थे पैसे
खाते में एक साथ बड़ा अमाउंट जमा होने पर पकड़े जाने का डर था। लिहाजा सटोरिए कमाई का लालच देकर दूसरों के बैंक अकाउंट में रकम जमा कराते थे। इस तरह के सौ से अधिक खातों की जानकारी पुलिस ने हासिल कर ली है।





































