रायपुर। राज्य में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने एक ऐसा टूल्स विकसित किया है, जिसके माध्यम से शिक्षक अपनी कमजोरियों का स्वयं आंकलन करेंगे। इकनी मॉनिटरिंग संकुलों के प्राचार्य करेंगे। परिषद के अनुसार 40 पाइटों पर अपने निष्पादन स्तर का आंकलन स्वयं करने होंगे। इसें छत्तीसगढ़ के लगभग एक लाख अस्सी हजार शिक्षक... Read More
रायपुर। राज्य में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने एक ऐसा टूल्स विकसित किया है, जिसके माध्यम से शिक्षक अपनी कमजोरियों का स्वयं आंकलन करेंगे। इकनी मॉनिटरिंग संकुलों के प्राचार्य करेंगे।
परिषद के अनुसार 40 पाइटों पर अपने निष्पादन स्तर का आंकलन स्वयं करने होंगे। इसें छत्तीसगढ़ के लगभग एक लाख अस्सी हजार शिक्षक शामिल होंगे। प्रदेश के 5540 संकुलों के प्राचार्य शनिवार को अपने संकुल केंद्र अंतर्गत आने वाली सभी शालाओं के शिक्षकों का स्व-आंकलन करा रहे हैं।
मामले में एससीईआरटी के डायरेक्टर राजेश सिंह राणा ने जानकारी दी कि टीएसए-सीजी शिक्षक स्व-आंकलन का यह टूल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने विकसित किया है। यह राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित शिक्षक स्व-आंकलन उपकरण पिंडिक्स PINDICS (2013) और टीएसएआर (2019) पर आधारित होने के साथ इनका सरलीकृत रूप है।
राणा ने आगे बताया कि टीएसए-सीजी शिक्षक स्व-आंकलन का यह उपकरण शिक्षकों को 6 निष्पादन मानकों पर आंकलित करता है, और शिक्षक इन मानकों से संबंधित 40 निष्पादन सूचकों पर अपने निष्पादन स्तर का आंकलन स्वयं करते हैं। शिक्षक स्व-आकलन के इस टूल से स्वयं की ताकत और कमियां जान पाते हैं।
राणा के अनुसार वे अपने शैक्षिक उन्नयन के क्षेत्रों से परिचित होते हैं। शिक्षक की वास्तविक भूमिका और उससे जुड़ी अपेक्षाओं को जान पाते हैं। इसके साथ अपने कमज़ोर क्षेत्र को जानकर मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को दर्शा पाते हैं।
जिले के शत-प्रतिशत शिक्षकों का स्व-आंकलन सुनिश्चित करने का दायित्व सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सौंपा गया है। प्रदेश के 5540 संकुलों के प्राचार्य अपने संकुल केंद्र अंतर्गत आने वाली सभी शालाओं के शिक्षकों का संकुल केंद्र पर स्व-आंकलन सुनिश्चित करेंगे।
छत्तीसगढ़ टीएसए-सीजी को एससीईआरटी द्वारा शिक्षक स्व-आंकलन एनआईसी NIC के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के ‘पढ़ई तुहर दुआर’ पोर्टल पर ही शिक्षक स्व-आंकलन का पृष्ठ जोड़ा गया है।
शनिवार को दोपहर 3 बजे से प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए एससीईआरटी से वेबीनार किया जा रहा है। इसके पश्चात पोर्टल पर शिक्षक स्व-आंकलन का यह पृष्ठ सक्रिय हो जाएगा। शिक्षक अपना स्व-आंकलन मोबाइल के माध्यम से कर पाएंगे।