BILASPUR NEWS. शादी के नाम पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सरकंडा थाना क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश देकर पुलिस ने एक वकील सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नकली प्रोफाइल और फर्जी बैंक खातों के जरिए लोगों से लाखों रुपये ऐंठ रहा था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब एसीसीयू (ACCU) टीम संदिग्ध ‘म्यूल अकाउंट’ की जांच कर रही थी। जांच में सामने आया कि कई बैंक खातों में ‘मैरिज ब्यूरो’ के नाम पर बड़ी रकम जमा हो रही है, जबकि खाताधारक खुद इन लेन-देन से अनजान थे। यहीं से पुलिस को ठगी के इस संगठित नेटवर्क का सुराग मिला।

भावनात्मक जाल में फंसाकर वसूली
सीएसपी निमितेश सिंह के अनुसार, गिरोह शादी के इच्छुक युवकों को टारगेट करता था। फर्जी प्रोफाइल बनाकर उनसे बातचीत की जाती, भरोसा जीता जाता और फिर रजिस्ट्रेशन व अन्य सेवाओं के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती। पैसे मिलने के बाद संपर्क तोड़ दिया जाता था।

बिहार के युवक की शिकायत बनी आधार
इस ठगी का पर्दाफाश बिहार के एक युवक की शिकायत के बाद हुआ। युवक से बेहतर रिश्ते का झांसा देकर 10 हजार रुपये जमा कराए गए, लेकिन न तो कोई प्रोफाइल दी गई और न ही संपर्क किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने डिजिटल ट्रेल खंगालते हुए गिरोह तक पहुंच बनाई।
छापेमारी में बड़ा खुलासा
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन, 20 हजार रुपये नकद, संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े लेन-देन के दस्तावेज शामिल हैं।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (वकील), चांटीडीह
महारथी साहू, नवागढ़ (जांजगीर-चांपा)
तरुणा उर्फ सोनू खरे, चांटीडीह
नीरा बाथम, अशोक नगर (खमतराई)

पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी मैरिज ब्यूरो या वैवाहिक संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।


































