NEW DLEHI NEWS. मध्य-पूर्व में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी असर डाला है। हालिया संघर्ष के कारण कई देशों ने इन क्षेत्रों के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं या मार्ग बदल दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में यह जानना दिलचस्प है कि भारत से ये तीनों देश कितनी दूरी पर हैं और सामान्य परिस्थितियों में वहां कैसे पहुंचा जाता है।

भारत से ईरान: सबसे नजदीकी देश
भारत से ईरान की हवाई दूरी लगभग 2,700 से 2,800 किलोमीटर मानी जाती है। सीधी उड़ान से यहां पहुंचने में करीब 3 से 4 घंटे लगते हैं। भारत से ईरान जाने के लिए आमतौर पर नई दिल्ली या मुंबई से तेहरान तक सीधी या कनेक्टिंग फ्लाइट ली जाती है। नई दिल्ली और तेहरान के बीच सीधी हवाई दूरी लगभग 2,540 किमी है।
भारत से इजराइल: पश्चिम एशिया का रणनीतिक देश
भारत से इजराइल की दूरी औसतन 4,000 से 4,500 किलोमीटर के आसपास मानी जाती है (रूट के अनुसार बदल सकती है)। भारत से इजराइल की राजधानी क्षेत्र तेल अवीव तक आमतौर पर 6–8 घंटे में फ्लाइट पहुंचती है। यह यात्रा सीधी या दुबई/दोहा जैसे ट्रांजिट हब के जरिए भी होती है।दिलचस्प बात यह है कि ईरान की राजधानी तेहरान और तेल अवीव के बीच हवाई दूरी लगभग 1,550–1,590 किलोमीटर ही है, जो बताती है कि दोनों प्रतिद्वंद्वी देश भौगोलिक रूप से बहुत करीब हैं।

भारत से अमेरिका: सबसे दूर
भारत से अमेरिका की दूरी काफी ज्यादा है। दोनों देशों के बीच औसत हवाई दूरी करीब 13,500 किलोमीटर मानी जाती है। भारत से वॉशिंगटन डी.सी. या न्यूयॉर्क जैसे शहरों तक सीधी उड़ान में आमतौर पर 14–16 घंटे लगते हैं, जबकि कनेक्टिंग फ्लाइट में यह समय और बढ़ सकता है।

युद्ध का असर: उड़ानों और यात्रियों पर प्रभाव
मध्य-पूर्व में संघर्ष बढ़ने के बाद कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने से हजारों उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कई एयरलाइनों ने यात्रियों की सुरक्षा के कारण इन क्षेत्रों के ऊपर से उड़ान भरना बंद कर दिया या मार्ग बदल दिया है। इसका असर भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाली कई उड़ानों पर भी पड़ा है, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें सामान्य रूप से मध्य-पूर्व के ऊपर से गुजरती हैं।

जंग से सब कुछ प्रभावित
भूगोल के लिहाज से भारत के सबसे करीब ईरान है, उसके बाद इजराइल और सबसे दूर अमेरिका है। लेकिन मौजूदा युद्ध के कारण इन क्षेत्रों में हवाई मार्ग, यात्रा और कूटनीतिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी प्रभावित हो रही है।



































