BALRAMPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का एक और मामला सामने आया है। कुसमी क्षेत्र के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र की खजूरी पंचायत में अफीम की फसल मिलने की सूचना मिली है। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच में जुट गई है। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि खजूरी पंचायत में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई है।

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि मामले की तस्दीक की जा रही है। जानकारी के मुताबिक खजूरी गांव झारखंड सीमा से सटा हुआ इलाका है। ग्रामीणों ने बुधवार देर शाम पुलिस को सूचना दी कि पंचायत के तुर्रापानी इलाके में अवैध रूप से अफीम की फसल लगाई गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेतों का निरीक्षण किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर यह खेती की गई है। तुर्रापानी क्षेत्र पहाड़ी इलाके में स्थित है और यहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही कम रहती है, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को अंजाम देना आसान हो जाता है। इस मामले में पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक नेता और पूर्व सरपंच सहित सात लोगों को हिरासत में लिया था, जबकि मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस टीम झारखंड की ओर रवाना हुई थी।

एसपी वैभव बैंकर के मुताबिक कुसमी क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में अफीम मिलने के बाद प्रशासन ने सभी पटवारियों और कोटवारों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में खजूरी में भी इस तरह की जानकारी सामने आई है, जिसकी फिलहाल जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक नेता और पूर्व सरपंच सहित सात लोगों को हिरासत में लिया था, जबकि मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस टीम झारखंड की ओर रवाना हुई थी।

बता दें कि इससे पहले कुसमी के त्रिपुरी गांव में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अफीम की फसल का सैंपल लिया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी खड़ी फसल उखाड़कर जब्त की गई। जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान करीब 354 बोरी अफीम की खड़ी फसल जब्त की गई थी। जब्त फसल को ट्रैक्टर के माध्यम से थाने लाया गया।

जानिए विस्तार से पूरा मामला
दरअसल, खजूरी गांव में अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। बुधवार देर शाम ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची और फसल का निरीक्षण किया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खजूरी पंचायत के तुर्रापानी इलाके में अफीम की फसल लगाई गई है। अनुमान के मुताबिक डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर खेती की गई है। तुर्रापानी खजूरी पंचायत का हिस्सा है, लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र में बसा इलाका है। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है। यहां आम तौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है।




































