TEHRAN NEWS. ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह यह युद्ध अपनी पसंद से नहीं, बल्कि मजबूरी में लड़ रहा है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह जंग उनके देश पर जबरन थोपी गई है।

जब बघाई से सीजफायर के लिए मध्यस्थता की संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे फिलहाल जल्दबाजी बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सैन्य टकराव जारी है और ऐसी स्थिति में देश की रक्षा के अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा करना उचित नहीं होगा। ईरान का रुख साफ है कि उसने इस जंग की शुरुआत नहीं की थी, लेकिन अब उसे अपनी सुरक्षा के लिए लड़ना पड़ रहा है।

पड़ोसी देशों पर हमले का खंडन
ईरान ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया जा रहा था कि उसने तुर्किये, साइप्रस और अजरबैजान पर हमले किए हैं। बघाई ने स्पष्ट किया कि पिछले सप्ताह ईरान की सरजमीं से इन देशों की दिशा में कोई हमला नहीं किया गया है।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर घायल
टाइम्स ऑफ इजराइल के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। बता दें कि मुजतबा को बीती रात ही ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी को अमेरिकी-इजराइली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी।

35 साल तक सत्ता के केंद्र रहे अली खामेनेई
अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। 1979 की इस्लामिक क्रांति में भी उनकी बड़ी भूमिका थी। ईरान के कानून के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के लिए ‘अयातुल्ला’ (धार्मिक गुरु) की पदवी होना अनिवार्य है, जिससे यह पद हमेशा एक धार्मिक नेता के पास ही रहता है।





































