KAWARDHA NEWS. छत्तीसगढ़ के आमाबेड़ा क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘घर वापसी’ कार्यक्रमों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित कूल्हीडोंगरी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में 140 से अधिक लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक भावना बोहरा की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। आयोजन में शामिल लोगों के चरण धोकर प्रतीकात्मक रूप से उनकी ‘घर वापसी’ कराई गई।

छह महीनों में 500 से अधिक लोगों की वापसी का दावा
आयोजकों के अनुसार, कवर्धा जिले में पिछले छह महीनों के दौरान 500 से अधिक लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं। इससे पहले 2 फरवरी को वनांचल क्षेत्र के दमगढ़ गांव में 65 लोगों ने सनातन धर्म अपनाया था। उस कार्यक्रम में भी विधायक भावना बोहरा मौजूद रहीं और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम संपन्न कराया गया।

भानुप्रतापपुर में एक परिवार ने अपनाया मूल धर्म
वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम घोठा में एक परिवार के पांच सदस्यों—जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं—ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः हिंदू धर्म अपनाने की जानकारी दी है। परिवार ने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों को फिर से स्वीकार करने की बात कही।

प्रदेश में इन कार्यक्रमों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।




































