LORMI NEWS. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार शेखर पटेल के खिलाफ राजस्व पटवारी संघ लोरमी ने मोर्चा खोल दिया है। पटवारियों ने तहसीलदार पर मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

पटवारी संघ के प्रमुख आरोप
राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ (शाखा लोरमी) ने तहसीलदार पर आरोप लगाए हैं। तहसीलदार ने पिछले डेढ़ साल में नियमानुसार तय संख्या से अधिक कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी किए हैं, जिससे पटवारी और राजस्व निरीक्षक मानसिक रूप से परेशान हैं। आरोप है कि तहसीलदार पटवारियों को रात 8-9 बजे, और महिला पटवारियों को रात 11-12 बजे तक काम के लिए फोन करते हैं, जिससे उनके पारिवारिक जीवन में अशांति पैदा हो रही है। यदि पटवारी किसी निजी कार्य या समस्या के लिए तहसीलदार से बात करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। साथ ही, कार्यस्थल पर महिलाओं को देर रात तक रुकने के लिए मजबूर किया जाता है। छुट्टियों के आवेदन को लंबे समय तक लंबित रखा जाता है और काम के नाम पर मानसिक प्रताड़ना दी जाती है।

हड़ताल की चेतावनी
पटवारी संघ ने मांग की है कि तहसीलदार के द्वारा जारी किए गए सभी कारण बताओ नोटिस तुरंत निरस्त किए जाएं और तहसीलदार को लोरमी तहसील से तत्काल हटाया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तत्काल नहीं हटाया गया, तो वे आगामी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

जिला प्रशासन को ज्ञापन
राजस्व पटवारी संघ के अध्यक्ष ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले को संज्ञान में लेने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि इस प्रताड़ना के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होती है, तो इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।



































